नई दिल्ली: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर लिखे गए लेख पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने लेख की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “पूरी तरह बेबुनियाद” करार दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह का लेख न केवल तथ्यों से परे है, बल्कि इसका उद्देश्य राजनीतिक संदेश देना भी प्रतीत होता है।
मीडिया से बातचीत के दौरान विजय वडेट्टीवार ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी देश के सम्मानित नेताओं में से एक थे और उनकी राजनीतिक विरासत का इस्तेमाल किसी भी दल के हित में नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए जो बातें लेख में कही गई हैं, उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि देश की जनता पिछले कई वर्षों की राजनीति और घटनाक्रम से अच्छी तरह परिचित है। ऐसे में इतिहास और तथ्यों को अलग तरीके से पेश करने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेताओं के योगदान और विचारधारा का सम्मान करती है और उनकी विरासत को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
वडेट्टीवार ने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी ऐतिहासिक या राजनीतिक व्यक्तित्व के योगदान को अपनी सुविधा के अनुसार प्रस्तुत करना सही परंपरा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जनता तथ्यों को समझती है और केवल राजनीतिक बयानबाज़ी से वास्तविकता नहीं बदल सकती।
दरअसल, शर्मिष्ठा मुखर्जी के हालिया लेख के प्रकाशित होने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई। लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और कुछ राजनीतिक घटनाओं का उल्लेख किया गया है, जिस पर विपक्षी दलों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। कांग्रेस नेताओं ने लेख की कई बातों पर आपत्ति जताई है, जबकि भाजपा समर्थक इसे अलग नजरिए से देख रहे हैं।

