नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग की मात्रा की जानकारी पेट्रोल पंप की रसीद पर स्पष्ट रूप से दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत लेकर संबंधित हाईकोर्ट जाने की छूट दी है।
पेट्रोल की रसीद पर इथेनॉल की जानकारी की मांग
याचिका में मांग की गई थी कि पेट्रोल खरीदने वाले ग्राहकों को रसीद के माध्यम से यह स्पष्ट जानकारी दी जाए कि पेट्रोल में कितनी मात्रा में इथेनॉल मिलाया गया है। याचिकाकर्ता का तर्क था कि उपभोक्ताओं को अपने वाहन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की संरचना और उसमें मौजूद इथेनॉल की मात्रा जानने का अधिकार है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने को कहा
मामले की सुनवाई जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने की। पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को संबंधित हाईकोर्ट का रुख करने की स्वतंत्रता दी।
अदालत के इस निर्देश के बाद अब याचिकाकर्ता अपनी मांग को लेकर संबंधित हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सकता है।
उपभोक्ता अधिकार से जुड़ा है मामला
याचिकाकर्ता ने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा की स्पष्ट जानकारी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि पेट्रोल पंप की रसीद पर इथेनॉल ब्लेंडिंग की जानकारी उपलब्ध होने से ग्राहक यह जान सकेंगे कि वे किस प्रकार का ईंधन खरीद रहे हैं।
फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर सीधे सुनवाई नहीं की है और याचिकाकर्ता को संबंधित हाईकोर्ट में अपनी शिकायत रखने का रास्ता खुला रखा है।

