बीजापुर, 1 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला मुख्यालय में घरों के राजस्व पट्टे की मांग को लेकर वार्डवासियों ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने नगरपालिका कार्यालय का घेराव किया और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के सामने आवाज उठाई।
प्रदर्शन में नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 1, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के बड़ी संख्या में वार्डवासी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने वर्षों से अपने मकानों में रह रहे लोगों को राजस्व पट्टा देने और मकान तोड़ने या खाली करने से संबंधित नोटिस पर रोक लगाने की मांग की।
मकान तोड़ने के नोटिस से लोगों में नाराजगी
वार्डवासियों का आरोप है कि नगरपालिका परिषद की ओर से समय-समय पर उनके मकानों को तोड़ने और घर खाली करने के नोटिस दिए जा रहे हैं। इससे लोगों के बीच भय और असमंजस का माहौल है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे कई वर्षों से इन मकानों में रह रहे हैं। ऐसे में यदि मकान खाली करने या तोड़ने की कार्रवाई होती है, तो उनके सामने रहने की समस्या खड़ी हो जाएगी। इसी वजह से उन्होंने प्रशासन से जल्द पट्टा देने की मांग की।
विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा पर साधा निशाना
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा और नगरपालिका अध्यक्ष गीता सोम पुजारी पर निशाना साधा। विधायक ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले लोगों को घर और पट्टा देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब लोगों को पट्टा देने के बजाय मकान खाली करने और तोड़ने के नोटिस दिए जा रहे हैं।
विधायक के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी नगरपालिका कार्यालय पहुंचे। इस दौरान मुख्य गेट के पास पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी। प्रदर्शनकारियों को कार्यालय के अंदर जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी।
मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद वार्डवासियों और विधायक की ओर से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार बीजापुर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में वर्षों से रह रहे लोगों को राजस्व पट्टा देने और मकानों को तोड़ने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई।
तहसीलदार ने बताई पट्टा देने की प्रक्रिया
मामले में तहसीलदार बीजापुर ने बताया कि पट्टे की मांग को लेकर ग्रामीणों का आवेदन प्रशासन को प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राजस्व भूमि के आबादी क्षेत्र में जिन लोगों का नियमानुसार कब्जा है, उन्हें पट्टा दिया जाना संभव है और इस संबंध में प्रक्रिया चल रही है।
हालांकि, तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि वन विभाग की भूमि पर पट्टा दिया जाना संभव नहीं होगा।
फिलहाल पट्टे की मांग को लेकर वार्डवासियों के प्रदर्शन और प्रशासन की प्रक्रिया के बीच लोगों की नजर आगे की कार्रवाई पर बनी हुई है।

