नई दिल्ली: देशभर में E20 पेट्रोल (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक जानकारियां और अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। कुछ पोस्टों में दावा किया जा रहा है कि E20 पेट्रोल से वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचता है, माइलेज में भारी गिरावट आती है और इससे गाड़ियों की परफॉर्मेंस प्रभावित होती है। हालांकि, ऑटोमोबाइल उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा है कि E20 एक सुरक्षित, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन है।
मारुति सुजुकी इंडिया के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (कॉरपोरेट अफेयर्स) राहुल भारती ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में वाहन निर्माता कंपनियां E20 ईंधन को ध्यान में रखकर ही नई गाड़ियों का निर्माण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि E20 के इस्तेमाल से इंजन को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता और यह पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षणों के दौरान माइलेज में केवल लगभग 3 प्रतिशत की मामूली कमी देखी गई है, जो सामान्य उपयोग में बहुत बड़ा अंतर नहीं माना जाता।
राहुल भारती ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही कई जानकारियां तकनीकी तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल प्रमाणिक और आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। उनके अनुसार, आधुनिक इंजन E20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन किए जा रहे हैं और भविष्य में यह देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर का सामान्य ईंधन बनने जा रहा है।
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी ने भी E20 को लेकर सकारात्मक राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी। उनका कहना था कि पेट्रोल में एथेनॉल की मिलावट से कार्बन उत्सर्जन कम होता है, जिससे प्रदूषण घटाने और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में मदद मिलती है।
इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वर्तिका शुक्ला ने कहा कि E20 ईंधन को लेकर लोगों में अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग का निर्णय किसी जल्दबाजी में नहीं लिया गया है, बल्कि इसके पीछे वर्षों का वैज्ञानिक शोध, तकनीकी परीक्षण और विस्तृत अध्ययन शामिल है। उन्होंने बताया कि यह ईंधन भारतीय मानक ब्यूरो के निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किया जाता है और गुणवत्ता के सभी आवश्यक मानदंडों का पालन करता है।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि E20 कोई नई या प्रयोगात्मक तकनीक नहीं है। अमेरिका, ब्राजील और कई अन्य देशों में वर्षों से एथेनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। इन देशों के अनुभव बताते हैं कि उचित तकनीकी मानकों के साथ तैयार किए गए इंजन में E20 ईंधन सुरक्षित और प्रभावी रूप से काम करता है।

