धारचूला। उत्तराखंड के धारचूला स्थित प्रसिद्ध ओम पर्वत इन दिनों एक बार फिर चर्चा में है। करीब 6 हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस पर्वत पर बर्फ पिघलने के कारण प्राकृतिक रूप से बनने वाली ॐ की आकृति फिलहाल दिखाई नहीं दे रही है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यावरण प्रेमियों में भी चिंता बढ़ गई है।
ओम पर्वत अपनी अनोखी प्राकृतिक संरचना के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। पर्वत की चोटी पर बर्फ जमने के बाद प्राकृतिक रूप से ॐ जैसी आकृति उभरती है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस क्षेत्र का रुख करते हैं।
हालांकि, इस बार पर्वत से बर्फ तेजी से पिघलने के कारण ॐ की प्राकृतिक आकृति नजर नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले साल भी कुछ समय के लिए पर्वत से बर्फ गायब हुई थी, जिसके बाद ॐ की आकृति स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दी थी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, कम बर्फबारी, बढ़ता तापमान, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन इसके संभावित कारण हो सकते हैं। हिमालयी क्षेत्रों में बदलते मौसम और तापमान का असर बर्फबारी तथा ग्लेशियरों पर भी पड़ रहा है।
ओम पर्वत पर बर्फ का इस तरह कम होना पर्यावरण में हो रहे बदलावों की ओर भी संकेत माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने पर्वतीय क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत बताई है।
फिलहाल ओम पर्वत की ॐ आकृति के गायब होने की खबर ने श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आने वाले समय में बर्फबारी होने पर एक बार फिर इस प्राकृतिक आकृति के उभरने की उम्मीद जताई जा रही है।

