नई दिल्ली / चंडीगढ़:
प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर देश में राजनीतिक और सामाजिक पारा चढ़ गया है। इस डील के विरोध में ‘देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले हजारों किसानों ने दिल्ली स्थित किसान घाट पर ‘किसान महापंचायत’ आयोजित करने के लिए दिल्ली कूच का आह्वान किया है।
शंभू बॉर्डर पर बढ़ा तनाव
पंजाब से दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों के जत्थों को हरियाणा सरकार द्वारा पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर रोक दिया गया है। किसानों को रोकने के लिए की गई बैरिकेडिंग और पुलिस बलों की तैनाती के बाद शंभू बॉर्डर पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है।
विपक्ष ने बोला केंद्र सरकार पर हमला
ट्रेड डील और किसानों को रोके जाने के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है:
- कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) का आरोप: दोनों दलों ने इस प्रस्तावित ट्रेड डील का कड़ा विरोध करते हुए इसे भारतीय कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों के लिए बेहद नुकसानदायक बताया है।
- नीतियों पर सवाल: विपक्षी नेताओं ने केंद्र पर किसान विरोधी रुख अपनाने और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन को बलपूर्वक रोकने का आरोप लगाया है।
2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक विश्लेषकों और जानकारों का मानना है कि यदि किसानों का यह विरोध प्रदर्शन एक लंबे आंदोलन का रूप ले लेता है, तो इसका सीधा राजनीतिक प्रभाव पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों पर दिखेगा। जानकारों के मुताबिक, 2022 के चुनावों की तरह 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए राजनीतिक राह काफी मुश्किल हो सकती है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

