रायपुर:
सिंधी समाज के पवित्र 40 दिवसीय चालीहा महोत्सव की शुरुआत हो गई है। इस अवसर पर क्षत्रिय करणी सेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने सिंधी समाज के सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
अपने संदेश में तोमर ने कहा कि चालीहा महोत्सव आस्था, तपस्या और आत्मसंयम का प्रतीक है। 40 दिनों तक चलने वाली यह साधना व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ व्यसनों से दूर रहने और जल एवं नदियों के संरक्षण का संदेश भी देती है।
उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान श्रद्धालु कठोर धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। इस अवधि में ब्रह्मचर्य का पालन, व्रत, सात्विक भोजन और सादगीपूर्ण जीवन अपनाया जाता है। देश-विदेश में बसे सिंधी समाज के लोग भगवान झूलेलाल की विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में भाग लेते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व भगवान झूलेलाल के अवतार से जुड़ा है। माना जाता है कि उन्होंने सिंध प्रदेश के लोगों को अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। तभी से सिंधी समाज श्रद्धा और भक्ति के साथ हर वर्ष 40 दिनों तक चालीहा महोत्सव मनाता है।

