महाराष्ट्र की सियासत में एक नया विवाद सामने आया है। शिवसेना (शिंदे गुट) की राज्यसभा सांसद डॉ. ज्योती वाघमारे ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने आयोग से राउत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने और उनके बयानों की जांच कराने की मांग की है।
डॉ. वाघमारे का आरोप है कि संजय राउत पिछले कई वर्षों से सार्वजनिक मंचों और मीडिया के सामने महिलाओं के लिए आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे बयान न केवल महिला जनप्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि राजनीतिक संवाद की मर्यादा को भी कमजोर करते हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष को भेजी गई शिकायत में उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों के दौरान संजय राउत द्वारा दिए गए कई बयान महिलाओं के सम्मान के खिलाफ रहे हैं। उन्होंने आयोग से इन बयानों का संज्ञान लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है।
शिकायत में डॉ. वाघमारे ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति हमेशा शालीनता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए जानी जाती रही है। ऐसे में सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं माना जा सकता और इस पर सख्त रुख अपनाया जाना चाहिए।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक बयानबाजी पहले से ही तेज है। राज्य में बदलते राजनीतिक समीकरणों और लगातार बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप के बीच राष्ट्रीय महिला आयोग में दर्ज यह शिकायत आने वाले दिनों में सियासी माहौल को और गरमा सकती है। फिलहाल, इस शिकायत पर संजय राउत की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

