कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने आबकारी विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो अधिकारियों के तबादले के लिए कानूनी प्रावधानों में भी बदलाव किया जा सकता है।
बेंगलुरु स्थित विधान सौध में आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अधिकारी अपनी कार्यशैली से सरकार की साख मजबूत करें, न कि उसे नुकसान पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मामलों में मूकदर्शक नहीं रहेगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
डी.के. शिवकुमार ने कहा कि यह धारणा गलत है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों का दूसरे विभागों में तबादला नहीं हो सकता। उन्होंने संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर सरकार कानूनी संशोधन कर ऐसे तबादलों का रास्ता भी साफ करेगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में आबकारी विभाग के प्रदर्शन और राजस्व बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि विभाग में लागू नई AIB प्रणाली के बाद राजस्व संग्रह में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। इसके अलावा सरकार ने 574 नए आबकारी लाइसेंस ई-नीलामी के माध्यम से जारी करने का फैसला लिया है।
व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क दो किस्तों में जमा करने की सुविधा देने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे कारोबारियों को आर्थिक सहूलियत मिलेगी और विभागीय प्रक्रियाएं भी अधिक व्यवस्थित होंगी।
डी.के. शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने पड़ोसी राज्यों की आबकारी नीतियों और कार्यप्रणाली का भी अध्ययन किया है। उन्होंने अधिकारियों से निर्धारित राजस्व लक्ष्य हर हाल में हासिल करने का आह्वान करते हुए कहा कि पेशेवर कार्यशैली और जवाबदेही ही विभाग की सफलता की कुंजी है। उन्होंने दोहराया कि सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।

