कोलकाता:
पश्चिम बंगाल में चल रहे बड़े सियासी घटनाक्रम के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और पार्टी छोड़ने वाले बागी नेताओं पर तीखा हमला बोला है। कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों और विधायकों की संख्या बंगाल की समृद्ध राजनीतिक और सांस्कृतिक परंपरा पर एक “गंदी तस्वीर” (dirty picture) की तरह है।
भाजपा की ‘नई रणनीति’ पर उठाए सवाल
कल्याण बनर्जी ने भाजपा पर संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में कृत्रिम रूप से अपनी ताकत बढ़ाने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हेरफेर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा:
“यह भाजपा द्वारा अपनाई गई एक नई चाल है। उनका एकमात्र उद्देश्य किसी भी तरह से संसद में अपनी संख्या बढ़ाना है। हाल ही में हुए इस्तीफे इसी रणनीति का हिस्सा हैं।”
इस्तीफों की टाइमिंग पर बड़ा आरोप
TMC सांसद ने राज्यसभा सीटों के लिए हुए इस्तीफों की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा ने जानबूझकर इन इस्तीफों को आगे-पीछे करवाया।
- रणनीति का पर्दाफाश: कल्याण बनर्जी के अनुसार, यदि सभी बागी सांसदों ने एक साथ इस्तीफा दिया होता, तो सभी खाली सीटों पर एक साथ चुनाव होते, जिससे भाजपा को जीत नहीं मिलती
- रुक्मिणी (कोयल) मल्लिका का इस्तीफा: हाल ही में राज्यसभा सांसद रुक्मिणी कोयल मल्लिका के इस्तीफे को लेकर उन्होंने कहा कि यह भाजपा की एक सुरक्षित राजनीतिक चाल है ताकि खाली हुई सीट पर वह अपने उम्मीदवार को आसानी से जिता सके।”
यह सुवेंदु अधिकारी की B-Team है”
दलबदल करने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि बंगाल का इतिहास महान और प्रखर सांसदों का रहा है जो विचारधारा और जनता के लिए लड़ते थे। लेकिन आज जो हो रहा है, वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले यह 60 विधायक और नेता कुछ और नहीं बल्कि मुख्यमंत्री पद के दावेदार सुवेंदु अधिकारी की ‘B-Team’ हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता इस दलबदल को देख रही है और वही इसका अंतिम फैसला करेगी।
ममता बनर्जी ने बागी नेताओं को दिया अल्टीमेटम
इस बीच, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भी बागी गुट को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि जिन नेताओं को दबाव में या अपनी मर्जी से पार्टी छोड़नी है, वे 21 जुलाई की ‘शहीद दिवस’ रैली से पहले जो भी फैसला लेना चाहते हैं ले लें और जहां जाना चाहते हैं चले जाएं।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

