नई दिल्ली:
संसद के आगामी मानसून सत्र (Monsoon Session) के शुरू होने से पहले केंद्र सरकार ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के मंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय संसदीय रणनीति बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
यह बैठक कल (17 जुलाई) आयोजित की जाएगी, जिसमें सत्र के दौरान विपक्ष को घेरने और सरकार के महत्वपूर्ण विधायी एजेंडे को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
संसद सत्र का शेड्यूल और सर्वदलीय बैठक
- मानसून सत्र की अवधि: संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा।
- सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting): सत्र के औपचारिक शुभारंभ से पहले, सरकार ने 19 जुलाई को सुबह 11 बजे एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सरकार जहां अपने विधायी कार्यों की जानकारी देगी, वहीं विपक्ष भी उन मुद्दों को सामने रखेगा जिन पर वह चर्चा चाहता है।
बदले समीकरणों के बीच हंगामेदार रहने के आसार
हाल के हफ्तों में कई क्षेत्रीय विपक्षी दलों में बड़ी टूट और बगावत देखने को मिली है, जिससे संसद के भीतर का गणित काफी हद तक बदल चुका है:
- TMC में बड़ी टूट: विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 लोकसभा सांसदों ने राष्ट्रीय नागरिक पार्टी (NCP) में विलय कर लिया है। उन्होंने लोकसभा में अपने लिए अलग बैठने की व्यवस्था मांगी है और वे भाजपा सरकार का समर्थन कर सकते हैं। इसके अलावा TMC के 3 राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया है।
- शिवसेना (UBT) और AAP को झटका: शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
इन राजनीतिक दलबदलों के कारण सत्तापक्ष (NDA) की ताकत संसद में काफी मजबूत हुई है, जो संविधान संशोधनों के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच रही है।
इन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष में हो सकता है टकराव
- विवादास्पद 130वां संविधान संशोधन विधेयक: इस प्रस्तावित कानून के तहत यदि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री गंभीर अपराधों के मामले में लगातार 30 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उसे स्वतः ही पद से हटा दिया जाएगा। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट अपनाने वाली है, जिस पर संसद में भारी बवाल होना तय है।
- NEET-UG पेपर लीक मामला: विपक्ष इस सत्र में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के पेपर लीक मामले को लेकर सरकार को पूरी तरह से घेरने की तैयारी में है।
- विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Breach of Privilege): ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हताहत हुए जवानों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयानों पर कांग्रेस ने उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है, जिससे सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
चूंकि सरकार इस सत्र में महिला आरक्षण (सीमांकन से जुड़े प्रावधानों के साथ) और कई अन्य बड़े संविधान संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी में है, कल राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने वाली NDA की बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह बैठक तय करेगी कि सरकार विपक्ष के हमलों का सामना किस रणनीति के साथ करेगी।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

