तिरुवनंतपुरम। केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के मध्य और पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने व्यापक तबाही मचाई है। अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
सबसे अधिक प्रभावित पथानामथिट्टा जिला है, जहां 330 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण पंबा नदी उफान पर है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालात को देखते हुए राज्य में 2018 जैसी विनाशकारी बाढ़ की आशंका भी जताई जा रही है।
राहत और बचाव कार्य तेज
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य पुलिस, अग्निशमन विभाग और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, जबकि राहत शिविरों में भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
8 जिलों में रेड अलर्ट जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के आठ जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इनमें पथानामथिट्टा, इडुक्की, वायनाड सहित पांच अन्य संवेदनशील जिले शामिल हैं। मौसम विभाग ने लोगों से नदियों, जलभराव वाले क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित पहाड़ी इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
जिला प्रशासन ने सभी प्रभावित जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं और लोगों से मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है, इसलिए नागरिक अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।

