रायपुर। जम्मू-कश्मीर में हुए हालिया आतंकी हमले पर क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे मानवता, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार से आतंकवाद के खिलाफ और अधिक कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि यदि आतंकवादी लोगों की पहचान या धर्म के आधार पर उन्हें निशाना बनाते हैं, तो यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि देश की एकता और भाईचारे को कमजोर करने का प्रयास है। ऐसे कृत्यों की पूरे देश को एकजुट होकर निंदा करनी चाहिए।
तोमर ने कहा कि सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद लंबे समय से भारत के लिए चुनौती बना हुआ है और अब आतंकवाद को संरक्षण देने वाली ताकतों के खिलाफ कठोर कदम उठाने का समय आ गया है।
पाकिस्तान पर लगाए आरोप
वीरेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देकर जम्मू-कश्मीर का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के सामने कभी झुकने वाला नहीं है और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का देश एकजुट होकर करारा जवाब देगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय सेना, सुरक्षा एजेंसियां और देश के नागरिक आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
पीओके पर भी रखी अपनी बात
अपने बयान में वीरेंद्र सिंह तोमर ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पीओके भारत का अभिन्न अंग है और भविष्य में उसे भारत का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि वहां की जनता पाकिस्तान की नीतियों से परेशान है तथा अनेक कठिनाइयों का सामना कर रही है।
पीड़ित परिवारों के प्रति जताई संवेदना
वीरेंद्र सिंह तोमर ने हमले में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे परिवार के भविष्य को प्रभावित करती है। ऐसे कठिन समय में सरकारों को पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए और हरसंभव सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
एक-एक करोड़ रुपये सहायता देने की मांग
उन्होंने केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार से मांग की कि कश्मीर में मारे गए छत्तीसगढ़ के प्रत्येक मजदूर के परिवार को राज्य सरकार की ओर से 50 लाख रुपये तथा केंद्र सरकार की ओर से 50 लाख रुपये, यानी कुल एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। उनका कहना है कि यह सहायता पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल देने के साथ-साथ सरकार की संवेदनशीलता का भी परिचायक होगी।
राष्ट्रहित के मुद्दों पर मुखर रहने का दावा
वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि क्षत्रिय करणी सेना हमेशा राष्ट्रहित, समाजहित और पीड़ितों के अधिकारों की आवाज उठाती रही है। उन्होंने सभी देशवासियों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने, शांति, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई देश की सुरक्षा, एकता और सम्मान की लड़ाई है तथा उन्हें उम्मीद है कि केंद्र और राज्य सरकारें पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के साथ आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखेंगी।

