कोलकाता:
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बेहद बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि राज्य की सीमाओं को सुरक्षित करना और घुसपैठ को रोकना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शुभेंदु अधिकारी सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने (Border Fencing) के काम को तेजी से पूरा करने के लिए गृह मंत्रालय (MHA) को जमीन ट्रांसफर करने का आदेश जारी कर दिया है।
45 दिनों के भीतर केंद्र को सौंपी जाएगी जमीन
मुख्यमंत्री ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) को बाड़ लगाने के लिए जिस भी जमीन की आवश्यकता थी, उसे अगले 45 दिनों के भीतर केंद्र सरकार को सौंप दिया जाएगा। पिछले एक दशक से राज्य और केंद्र के बीच जमीन अधिग्रहण को लेकर चल रहा गतिरोध अब पूरी तरह खत्म हो गया है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा:
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“हमारी सरकार घुसपैठ, पशु तस्करी और सीमा पार से होने वाले अपराधों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। सीमा को पूरी तरह अभेद्य बनाना देश की सुरक्षा के लिए जरूरी है, और इसमें किसी भी तरह की प्रशासनिक ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख
पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी छूट दी गई है। किसी भी प्रकार की हिंसा या उपद्रव फैलाने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बंगाल की जनता को अब एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल मिलेगा।
टीएमसी ने साधा निशाना, राजनीति तेज
दूसरी तरफ, विपक्ष में बैठी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस कदम पर तीखा पलटवार किया है। टीएमसी नेताओं का आरोप है कि पिछली सरकार ने भी सीमा सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए थे और वर्तमान सरकार केवल पब्लिसिटी बटोरने के लिए इस तरह के बयान दे रही है।
इस बड़े फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में सीमा सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे पर एक बार फिर से घमासान शुरू हो गया है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

