तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा में सोमवार को महिलाओं की सुरक्षा पेंशन योजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली। विपक्ष द्वारा लाए गए काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने पूर्ववर्ती एलडीएफ सरकार पर चुनावी लाभ के लिए योजनाओं को अंतिम समय में लागू करने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सरकार पर गरीब महिलाओं की कल्याणकारी योजना को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
काम रोको प्रस्ताव से शुरू हुई बहस
विवाद की शुरुआत महिलाओं की सुरक्षा पेंशन योजना के भुगतान में कथित देरी के मुद्दे से हुई। विपक्षी विधायक ए.सी. मोइदीन ने इस विषय पर काम रोको प्रस्ताव पेश करते हुए सरकार से जवाब मांगा। इसके बाद सदन में योजना के क्रियान्वयन, लाभार्थियों की सूची और भुगतान प्रक्रिया को लेकर लंबी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार पर लगाए आरोप
बहस के दौरान मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि पिछली एलडीएफ सरकार ने अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरे कार्यकाल में लंबित रखा और चुनाव नजदीक आते ही कई योजनाओं को जल्दबाजी में लागू किया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद वादों को समय पर पूरा करना लोकतांत्रिक जवाबदेही का हिस्सा होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार योजना को समाप्त नहीं कर रही है, बल्कि लाभार्थियों की सूची की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करना चाहती है कि योजना का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इस योजना के लिए बजट में ₹1,770 करोड़ का प्रावधान किया है।
लाभार्थियों की सूची पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि योजना के लाभार्थियों के चयन में निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सूची तैयार करने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर उचित कार्रवाई की जा सके।
सरकार ने गिनाईं अपनी प्राथमिकताएं
सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूडीएफ सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में महिलाओं के लिए केएसआरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की ‘प्रियदर्शिनी योजना’ लागू कर यह संदेश दिया कि चुनावी वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकता है।
विपक्ष का पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने सरकार के रुख की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा पेंशन योजना को पारदर्शी तरीके से K-SMART पोर्टल के माध्यम से लागू किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लाभार्थियों के हितों की अनदेखी कर योजना को कमजोर करने का प्रयास कर रही है और गरीब महिलाओं के कल्याण से जुड़े मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
प्रस्ताव खारिज, लेकिन सियासत जारी
मुख्यमंत्री के जवाब के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष का काम रोको प्रस्ताव खारिज कर दिया। हालांकि, पेंशन योजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी केरल की राजनीति में प्रमुख बहस का विषय बना रह सकता है।

