नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20 Fuel) को अनिवार्य करने से देश के करोड़ों पुराने वाहन मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने E20 पेट्रोल लागू करने से पहले आम जनता को पर्याप्त जानकारी नहीं दी और न ही पुराने वाहनों पर इसके प्रभाव को लेकर व्यापक अध्ययन सार्वजनिक किया गया। उन्होंने दावा किया कि 2023 से पहले निर्मित करीब 30-35 करोड़ वाहन, खासकर BS4 और पुराने मॉडल, E20 ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं हो सकते हैं।
पुरानी गाड़ियों के इंजन और माइलेज को लेकर चिंता
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ पुराने वाहनों में इंजन के पुर्जों पर असर पड़ सकता है और माइलेज में कमी आने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर आम वाहन चालकों की जेब पर पड़ रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वाहन मालिकों को उनकी गाड़ी के अनुसार ईंधन चुनने की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए।
AAP की प्रमुख मांगें
केजरीवाल ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- E20 के साथ शुद्ध पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराया जाए: सभी पेट्रोल पंपों पर E20 के अलावा सामान्य पेट्रोल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए, ताकि उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुन सकें।
- E20 पेट्रोल की कीमतों में राहत दी जाए: उन्होंने कहा कि यदि E20 ईंधन से माइलेज कम मिलता है तो इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल से कम होनी चाहिए।
- नीति की समीक्षा की जाए: उन्होंने सरकार से E20 नीति के प्रभावों का दोबारा मूल्यांकन करने की मांग की।
E20 नीति पर बढ़ा राजनीतिक विवाद
E20 पेट्रोल को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। केजरीवाल ने कहा कि सरकार को आम लोगों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए इस नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से भी उपभोक्ताओं की चिंताओं का समाधान करने की अपील की है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

