नई दिल्ली: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों को पाकिस्तान के कुछ Gen-Z युवाओं द्वारा समर्थन दिए जाने और उस पर पड़ोसी देश की टिप्पणियों को लेकर भारत सरकार ने कड़ा ऐतराज जताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तान को सख्त लहजे में आईना दिखाते हुए भारत के आंतरिक मामलों में अनावश्यक दखल न देने की चेतावनी दी है।
‘ज्ञान देने के बजाय आतंकवाद खत्म करे पाकिस्तान’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान भारत के आंतरिक और लोकतांत्रिक मामलों पर ज्ञान देने की कोशिश न करे। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद को दूसरों पर टिप्पणी करने के बजाय अपने देश की धरती से संचालित हो रहे सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
‘सिंधु घाटी की बहुलतावादी विरासत पर दावा नहीं कर सकता पाकिस्तान’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने वाला और अपने ही देश में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न करने वाला राष्ट्र कभी भी सिंधु घाटी जैसी बहुलतावादी (Pluralistic) और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर कोई अधिकार या दावा पेश नहीं कर सकता।
‘आतंकवाद और बातचीत एक साथ संभव नहीं’
भारत ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट करते हुए वैश्विक मंच से संदेश दिया है कि ‘आतंकवाद और द्विपक्षीय बातचीत एक साथ नहीं चल सकते’। भारत ने पड़ोसी देश को उसकी सीमाओं, आंतरिक विफलताओं और मानवाधिकारों के रिकॉर्ड की याद दिलाते हुए पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

