गुवाहाटी:
असम में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस बीच, असम विधानसभा में विपक्ष के नेता वाजेद अली चौधरी ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए केंद्र सरकार से 2,000 करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा और ग्राउंड रिपोर्ट
विपक्ष के नेता वाजेद अली चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों—शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट—का दौरा कर जमीनी स्थिति का मुआयना किया।
दौरे के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार के राहत और बचाव कार्यों पर सवाल खड़े करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं:
- तैयारी की कमी: विपक्ष का आरोप है कि प्रशासन आपदा से निपटने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं था।
- संसाधनों का अभाव: दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए नावों (Boats) की भारी किल्लत देखी गई।
प्रधानमंत्री को पत्र और राज्य सरकार पर निशाना
बाढ़ के कारण हुए जान-माल के भारी नुकसान को देखते हुए विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप करने और 2,000 करोड़ रुपये का राहत पैकेज मंजूर करने की अपील की है।
इसके साथ ही, विपक्ष के नेता ने असम सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य सरकार आपदा की स्थिति को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान बाढ़ जैसी भयावह स्थिति पर विस्तृत और सार्थक चर्चा न कराने के लिए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

