नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने सरकार की प्रस्तावित नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदूषण जैसी मौजूदा समस्या का समाधान इस तरह नहीं होना चाहिए कि भविष्य में नई चुनौतियां पैदा हो जाएं।
संदीप दीक्षित ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना जरूरी है, लेकिन किसी भी नीति को लागू करने से पहले उसके सामाजिक, आर्थिक और व्यावहारिक प्रभावों का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, जिससे आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों पर अनावश्यक बोझ न पड़े।
उन्होंने सुझाव दिया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली आपूर्ति, बैटरी प्रबंधन और पुराने वाहनों के विकल्प जैसी व्यवस्थाओं को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनके अनुसार, केवल प्रतिबंध लगाने से नहीं बल्कि मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार करने से नीति अधिक प्रभावी साबित होगी।
दिल्ली सरकार की नई EV पॉलिसी का उद्देश्य राजधानी में प्रदूषण कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना है। सरकार ने इसके लिए कई प्रोत्साहन और चरणबद्ध बदलावों की घोषणा की है, जिनमें भविष्य में कुछ श्रेणी के नए पेट्रोल और CNG वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने जैसे प्रावधान भी शामिल हैं।
नई नीति को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस तेज हो गई है। जहां सरकार इसे स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष का कहना है कि नीति को लागू करते समय आम लोगों और विभिन्न हितधारकों की चिंताओं का भी समाधान किया जाना चाहिए।

