नई दिल्ली:
संसद ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक पर नकेल कसने के लिए ‘एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक’ को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। लोकसभा के बाद अब राज्यसभा ने भी इस विधेयक को अपनी हरी झंडी दे दी है, जिसके बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जा रहा है।
विधेयक के मुख्य प्रावधान:
- कड़ी सजा का प्रावधान: नए कानून के तहत पेपर लीक और परीक्षा धांधली में शामिल दोषियों को 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
- फास्ट-ट्रैक कोर्ट से त्वरित न्याय: राज्यसभा में सात घंटे तक चली लंबी चर्चा के दौरान सरकार ने स्पष्ट किया कि मामलों की समयबद्ध और पारदर्शी जांच के लिए राज्यों में विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा।
पीएम मोदी का संदेश और विपक्ष/नेताओं की प्रतिक्रिया
बिल पास होने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस कानून को देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक व बड़ा कदम बताया।
दूसरी ओर, इस फैसले और पीएम के वीडियो संदेश पर सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई।
फिलहाल, राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा, जिससे देश के लाखों परीक्षार्थियों और युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

