नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में बुधवार शाम एक निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिसके चलते बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, दिल्ली आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों को भी रेस्क्यू अभियान में लगाया गया है। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।
मलबा हटाने के लिए जेसीबी समेत अन्य भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। साथ ही अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मलबे के नीचे कितने लोग फंसे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की है।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर घटनास्थल और आसपास के इलाके को पूरी तरह घेर लिया है ताकि बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है और आम लोगों से अपील की गई है कि वे घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाएं तथा राहत एवं बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग करें।
फिलहाल इमारत गिरने के कारणों का पता नहीं चल सका है। संबंधित विभागों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं या किसी के हताहत होने की पुष्टि अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं की गई है। प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

