नई दिल्ली:
भारत में FCNR (B) यानी Foreign Currency Non-Resident (Bank) Deposits में मजबूत वृद्धि देखने को मिल रही है। SBI रिसर्च के अनुसार, देश में FCNR (B) जमा का प्रवाह आने वाले समय में बढ़कर 80-85 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह आंकड़ा पहले ही वर्ष 2013 के स्तर को पार कर चुका है, जो विदेशी मुद्रा जमा के प्रति प्रवासी भारतीयों (NRIs) के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
SBI रिसर्च के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और बेहतर रिटर्न की संभावनाओं के कारण FCNR (B) जमा में लगातार तेजी आई है। यह प्रवाह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने और बाहरी क्षेत्र की स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
FCNR (B) जमा क्या है?
FCNR (B) खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनमें अनिवासी भारतीय (NRI) विदेशी मुद्रा में अपनी बचत जमा कर सकते हैं। इन खातों में जमा राशि पर मुद्रा विनिमय जोखिम कम होता है, जिससे ये NRI निवेशकों के बीच लोकप्रिय विकल्प बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता FCNR (B) प्रवाह भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति और वैश्विक निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। आने वाले समय में यदि वैश्विक बाजार में स्थिरता बनी रहती है, तो विदेशी मुद्रा जमा में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

