नई दिल्ली | 18 जुलाई
सोनम वांगचुक के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के बजाय उससे संवाद किया जाना चाहिए।
ममता बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि “Peaceful dissent deserves engagement, not suppression.” उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाए और उनकी मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए।
दरअसल, स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस का कहना है कि यह कदम डॉक्टरों की सलाह और अदालत के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया, जबकि विपक्षी दलों ने इसे शांतिपूर्ण विरोध को दबाने की कार्रवाई बताया है।
ममता बनर्जी के बयान के बाद यह मुद्दा और राजनीतिक हो गया है। कई विपक्षी नेताओं ने भी केंद्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग की है।
अब इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

