Saturday, June 13, 2026
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महीनों का इंतजार खत्म! आबकारी विभाग की 53 सेवाएं अब समय पर मिलेंगी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में प्रशासनिक लेटलतीफी और लालफीताशाही पर बड़ा प्रहार किया है। आम नागरिकों और कारोबारियों को राहत देते हुए सरकार ने आबकारी विभाग (Excise Department) की 53 प्रमुख सेवाओं को छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत अधिसूचित कर दिया है।

इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब बार लाइसेंस, होटल-रेस्टोरेंट की अनुमतियों और अन्य विभागीय स्वीकृतियों के लिए महीनों तक दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। अधिकारियों के लिए अब निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदनों का निपटारा करना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा।

‘नो-डिले’ पॉलिसी: बाबूराज और भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम

अब तक आबकारी विभाग से जुड़े कामों (विशेषकर व्यावसायिक लाइसेंसों) के लिए फाइलें महीनों तक अटकी रहती थीं। नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल काम की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि पारदर्शिता भी आएगी।

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और होटल इंडस्ट्री को बूस्ट

सरकार के इस फैसले का सबसे सीधा और बड़ा फायदा राज्य के बिजनेस कम्युनिटी को मिलने जा रहा है:

  • समय पर क्लीयरेंस: होटल, रेस्टोरेंट और बार संचालकों को नए लाइसेंस और रिन्यूअल (नवीनीकरण) के लिए अब मानसिक और आर्थिक नुकसान नहीं झेलना पड़ेगा।
  • निवेश को बढ़ावा: प्रशासनिक बाधाएं दूर होने से छत्तीसगढ़ में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) को नई मजबूती मिलेगी, जिससे बाहरी निवेशक राज्य की ओर आकर्षित होंगे।
  • आर्थिक गति: पारदर्शी व्यवस्था से राज्य में पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और नाइट-लाइफ इकोनॉमी को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

आम जनता को क्या फायदा?

यह फैसला सिर्फ बड़े व्यापारियों के लिए ही नहीं, बल्कि आबकारी विभाग से जुड़े छोटे-मोटे कार्यों के लिए आवेदन करने वाले आम नागरिकों के लिए भी बेहद मददगार साबित होगा।

  • मुख्य बदलाव एक नजर में:
पहले की व्यवस्थाअब नई व्यवस्था
फाइलों का हफ्तों-महीनों तक लंबित रहना।प्रत्येक सेवा के लिए दिन निर्धारित
अधिकारियों की मर्जी और देरी पर कोई रोक नहीं।समय पर काम न होने पर अधिकारी की तय होगी जवाबदेही।
दफ्तरों की भागदौड़ और मानसिक परेशानी।पारदर्शी प्रक्रिया, घर बैठे स्टेटस जानने की सुविधा।

निष्कर्ष: सुशासन की दिशा में बड़ा कदम

छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल को राज्य में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। ‘राइट टू सर्विस’ के तहत आबकारी जैसे संवेदनशील विभाग को लाना यह साफ करता है कि सरकार जनता और व्यापारियों को एक जवाबदेह और पारदर्शी सिस्टम देने के लिए प्रतिबद्ध है। अब आबकारी विभाग में ‘लंबे इंतजार’ के दिन बीते कल की बात हो चुके हैं।

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