Monday, October 19, 2026
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IGKV में खराब रिजल्ट पर छात्रों का हंगामा, प्रशासनिक भवन का घेराव; पुनर्मूल्यांकन की सीमा 4 विषय हुई

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रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में खराब परीक्षा परिणाम को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश बढ़ गया है। मंगलवार को विद्यार्थियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने तख्तियों पर “एक कचौड़ी दो समोसा, फैकल्टी का क्या भरोसा…” जैसे नारे लिखकर मूल्यांकन व्यवस्था पर सवाल उठाए। प्रदर्शन को NSUI का समर्थन भी मिला।

पांच प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन

छात्रों ने परीक्षा परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की मांग करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने पांच प्रमुख मुद्दे रखे। इनमें उत्तर पुस्तिकाओं की निष्पक्ष जांच कर संशोधित परिणाम जारी करना, ईयर बैक सिस्टम समाप्त करने के लिए स्थायी नियम बनाना और चार विषयों में पुनर्मूल्यांकन की सुविधा देना शामिल है।

इसके अलावा छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन शुल्क माफ करने, ग्रेस मार्क्स बढ़ाने और RTI के तहत उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में लागू ‘बुक रेफरेंस’ नियम को समाप्त करने की मांग भी उठाई।

कांकेर कृषि कॉलेज में 107 में से 100 छात्र फेल

खराब रिजल्ट को लेकर नाराजगी की एक बड़ी वजह बीएससी कृषि सेकेंड सेमेस्टर के परिणाम को बताया जा रहा है। दी गई जानकारी के अनुसार, कांकेर कृषि कॉलेज में परीक्षा देने वाले 107 विद्यार्थियों में से 100 छात्र फेल हो गए। इस परिणाम के बाद विद्यार्थियों में नाराजगी बढ़ गई और मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए।

छात्रों का कहना है कि परीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि किसी भी विद्यार्थी का भविष्य प्रभावित न हो।

पुनर्मूल्यांकन की सीमा 2 से बढ़ाकर 4 विषय

इसी बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रतिनिधिमंडल ने भी विद्यार्थियों की मांगों को लेकर कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने निशुल्क पुनर्मूल्यांकन सहित अन्य मांगें विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखीं।

चर्चा के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुनर्मूल्यांकन के लिए विषयों की सीमा दो से बढ़ाकर चार कर दी है। इस फैसले से विद्यार्थियों को अधिक विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने का अवसर मिलेगा।

हालांकि, पुनर्मूल्यांकन शुल्क माफी, ईयर बैक सिस्टम में बदलाव, ग्रेस मार्क्स बढ़ाने और अन्य मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन का अंतिम रुख स्पष्ट होना बाकी है।

छात्रों को विश्वविद्यालय के फैसले का इंतजार

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने मांग की कि विश्वविद्यालय परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाए तथा परिणामों से जुड़ी शिकायतों का निष्पक्ष समाधान करे। अब छात्रों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन उनकी बाकी मांगों पर क्या निर्णय लेता है।

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