Tuesday, July 21, 2026
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फिजिक्स ओलंपियाड में भारतीय छात्रों का कमाल, वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा—नई पीढ़ी देश की सबसे बड़ी ताकत है

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रायपुर।
इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (IPhO) 2026 में भारतीय विद्यार्थियों द्वारा किए गए ऐतिहासिक प्रदर्शन पर देशभर में गर्व और उत्साह का माहौल है। इस उपलब्धि पर क्षत्रिय करणी सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने भारतीय टीम को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि देश के होनहार विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और वैज्ञानिक सोच के बल पर विश्व मंच पर भारत का सम्मान बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल पांच विद्यार्थियों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था, वैज्ञानिक क्षमता और युवा प्रतिभा की पहचान है। ऐसे परिणाम यह साबित करते हैं कि भारतीय युवा किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी योग्यता का लोहा मनवा सकते हैं।

विश्व मंच पर भारत का दमदार प्रदर्शन

56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (IPhO) 2026 का आयोजन 4 से 12 जुलाई तक बुकारामांगा, कोलंबिया में किया गया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में 87 देशों के 381 प्रतिभागियों ने भाग लिया। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सभी पांच प्रतिभागियों के लिए स्वर्ण पदक सुनिश्चित किए और विश्व स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने वाले देशों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने किया देश का नाम रोशन

भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले कनिष्क जैन (पुणे), रिद्धेश अनंत बेंडले (इंदौर), ऋषित गर्ग (नई दिल्ली), श्रेष्ठ सुरैया (मुंबई) और स्वरित जोशी (अहमदाबाद) ने स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। उनकी इस उपलब्धि की देशभर में सराहना हो रही है।

वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिलते रहें, तो भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व नेतृत्व की दिशा में और तेज़ी से आगे बढ़ेगा।

आठ वर्षों बाद दोहराई ऐतिहासिक उपलब्धि

तोमर ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद यह पहला अवसर है, जब भारतीय टीम के सभी प्रतिभागियों ने फिजिक्स ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया है। इससे पहले लिस्बन (पुर्तगाल) में आयोजित 49वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में भी भारत ने पांच स्वर्ण पदक जीतकर विश्व स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया था।

उन्होंने कहा कि भारतीय विद्यार्थियों की यह सफलता देश की वैज्ञानिक प्रतिभा और शिक्षा की गुणवत्ता का प्रमाण है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने और वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।

क्षत्रिय करणी सेना ने भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का स्वागत करते हुए सभी विजेता विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, शिक्षकों और प्रशिक्षकों को भी बधाई दी। संगठन ने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं का सम्मान करना पूरे समाज का दायित्व है, क्योंकि यही युवा भविष्य में भारत को ज्ञान, विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

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