छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल लगातार तेज होती जा रही है। 19 जुलाई को प्रस्तावित श्रद्धांजलि सभा से पहले इस मुद्दे के विधानसभा के मानसून सत्र में भी गूंजने की संभावना जताई जा रही है। घटना को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों में नाराजगी बनी हुई है।
क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजसिंह शेखावत और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर पहले ही कोरिया न्याय यात्रा के दौरान मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। अब 19 जुलाई को प्रस्तावित श्रद्धांजलि सभा को लेकर संगठन की तैयारियां तेज बताई जा रही हैं।
इधर, कोरिया जिले में प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव हुए हैं। सरकार ने आईपीएस अधिकारियों के तबादले के तहत कोरिया के पुलिस अधीक्षक को बदला है,
जबकि संबंधित थाना प्रभारी का भी स्थानांतरण किया गया है। विपक्ष इस पूरे मामले को विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि 19 जुलाई को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होता है तो कोरिया एक बार फिर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन सकता है।
इस कार्यक्रम में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजसिंह शेखावत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारियों और समाज के लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल, पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है। वहीं, पीड़ित परिवार की आगे की रणनीति और 19 जुलाई के कार्यक्रम को लेकर सभी की निगाहें टिकी हैं।
0 भौगोलिक परिस्थिति और घटनाचक्र :
- छत्तीसगढ़ के उत्तर – पश्चिमी भाग में कोरिया जिला स्थित है.
- कोरिया जिला सरगुजा सँभाग अँतर्गत आता है.
- बैकुंठपुर में जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है.
- बैकुंठपुर से उत्तर – पश्चिम दिशा में सोनहत थाना स्थित है.
- देश में चर्चित तिहरा हत्या काँड़ इसी सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई (कटगोड़ी) गाँव में हुआ था.
- जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से उत्तर – पश्चिम दिशा की ओर घटनास्थल पड़ता है.
- घटनास्थल की दूरी बैकुंठपुर से तकरीबन 30 किमी है.
- 16 जून 2026 की रात को जनपद पँचायत सोनहत के पूर्व उपाध्यक्ष भरत उर्फ़ लल्ला सिंह गहरवार जिंदा जला दिए गए थे.
- उनके साथ ही नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह भी जिंदा जल मरे थे.
- गँभीर रुप से घायल योगेंद्रसिंह चौहान (65), मयंँक सिंह इस हत्याकाँड़ में किसी तरह बचे थे.
- मामले की पुलिस रपट सोनहत थाना में 17 जून 2026 को दर्ज की गई थी.
- रपट अनुसार 25 – 30 आरोपियों ने इस हत्याकाँड़ को अँजाम दिया था.
- अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी नामक आरोपियों को सोनहत पुलिस ने 17 जून को गिरफ्तार किया था.
- 20 जून 2026 को मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, निशान त्रिपाठी नामक आरोपियों ने मनेंद्रगढ़ कोतवाली में आत्मसमर्पण किया था.
- 23 जून को पुलिस ने मनीष त्रिपाठी, जितेंद्र त्रिपाठी, अनिल तिवारी को गिरफ्तार किया था.
- मामले में पुलिस पर ढीली कार्रवाई करने सहित शासन – प्रशासन पर गँभीर आरोप लगते रहे हैं.
- कोरिया की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुश्री सुरेखा चौबे पर किसी तरह का एक्शन नहीं लिया जाना चर्चा का विषय है.

