Tuesday, October 20, 2026
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“एक्सप्रेसवे इसलिए नहीं बनते कि रास्ते भर भगवान का नाम जपते रहें”: ₹4700 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर अखिलेश यादव का भाजपा पर बड़ा हमला

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बन रहे ₹4,700 करोड़ की लागत वाले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्यों और उसमें आई कथित दरारों को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है।

समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को आड़े हाथों लिया है। एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से में आई तकनीकी खामियों और दरारों की खबरों का हवाला देते हुए अखिलेश यादव ने तंज कसा कि “एक्सप्रेसवे इसलिए बनाए जाते हैं ताकि लोग सुरक्षित चल सकें, न कि इसलिए कि वे पूरे रास्ते भगवान का नाम जपते रहें।”

“भ्रष्टाचार का एक्सप्रेसवे” – अखिलेश यादव का तीखा तंज

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक समाचार रिपोर्ट साझा करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा:

“यूपी में ‘भ्रष्टाचार के एक्सप्रेसवे’ की कहानी में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का जो हिस्सा अभी पूरी तरह जनता के लिए खुला भी नहीं है, उसके एलिवेटेड हिस्से के खंभों में दरारें आ गई हैं और डिजाइन में गड़बड़ी की बातें सामने आ रही हैं। जनता अपनी गाढ़ी कमाई का टैक्स इसलिए नहीं देती कि सरकार के भ्रष्टाचार की वजह से उनकी जान जोखिम में पड़ जाए।”

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि एक्सप्रेसवे स्पीड, सुरक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बनाए जाते हैं। लेकिन इस सरकार में बने एक्सप्रेसवे पर चलते समय लोगों को डर के साए में सफर करना पड़ता है और अपनी जान बचाने के लिए रास्ते भर भगवान का नाम जपना पड़ता है।

NHAI ने बुलाई विशेषज्ञों की टीम, ट्रैफिक किया गया डायवर्ट

मामला तूल पकड़ने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भी तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड सेक्शन (खासकर अमौसी और बंथरा के बीच) के कुछ पिलर्स और बेयरिंग में आई दिक्कतों की जांच के लिए दिल्ली से विशेषज्ञों की एक विशेष टीम बुलाई गई है।

सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने इस रूट पर भारी वाहनों और ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया है। एनएचआई के अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़ी परियोजना है और किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी को पूरी तरह ठीक करने के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

सपा के साथ-साथ यूपी के अन्य विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर भाजपा सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के बाद अब लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में भी गुणवत्ता की अनदेखी की गई है, जिसकी उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए।

मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

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