हैदराबाद
तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर ‘कलेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना’ (Kaleshwaram Lift Irrigation Project) को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री और BRS अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (KCR) को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा है कि उनकी सरकार इस परियोजना पर विधानसभा में दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
रेवंत रेड्डी का खुला चैलेंज
मुख्यमंत्री ने प्रजा भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि कलेश्वरम परियोजना को लेकर जनता के बीच जो संशय है, उसे दूर करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने KCR से आग्रह किया कि:
- पत्र लिखें: यदि उन्हें अपने फैसलों पर भरोसा है, तो वे विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर बहस की तारीख तय करें।
- सदन में आएं: मुख्यमंत्री ने कहा कि KCR को सदन में आकर सभी सवालों का जवाब देना चाहिए।
- तथ्यों पर बहस: सरकार हर दस्तावेज, आंकड़े और साक्ष्य के साथ बहस के लिए तैयार है।
BRS सरकार पर गंभीर सवाल
रेवंत रेड्डी ने पिछली BRS सरकार को घेरे में लेते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
- लागत में बढ़ोतरी: परियोजना की लागत में कई गुना इजाफा होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।
- वित्तीय अनियमितता: सार्वजनिक धन का किस प्रकार उपयोग किया गया, इस पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
- डिजाइन में बदलाव: निर्माण के दौरान किए गए फैसलों और डिजाइन में बदलाव को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
क्यों मची है हलचल?
कलेश्वरम परियोजना को BRS सरकार ने राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी सिंचाई योजना बताया था। लेकिन समय के साथ इसके निर्माण की गुणवत्ता, बैराजों की स्थिति और वित्तीय प्रबंधन पर उठे सवालों ने इसे विवादों के केंद्र में ला खड़ा किया है। अब जबकि कांग्रेस सरकार ने इसकी पारदर्शी जांच की बात कही है, तो दूसरी तरफ BRS इसे ‘राजनीतिक बदले’ की कार्रवाई बता रही है।
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या KCR इस चुनौती को स्वीकार करेंगे? यदि यह बहस विधानसभा में होती है, तो यह केवल एक परियोजना तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आने वाले दिनों में तेलंगाना की राजनीति की दशा और दिशा तय करने वाली एक बड़ी राजनीतिक भिड़ंत साबित हो सकती है।

