बेंगलुरु: कर्नाटक में मतदाता सूची (Voter Roll) को लेकर सियासी विवाद एक बार फिर गहरा गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्य सरकार और कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में मतदाता सूची का एक ‘समानांतर विशेष गहन पुनरीक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया राहुल गांधी को खुश करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
शोभा करंदलाजे ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि जब भारत निर्वाचन आयोग पहले से ही पूरे राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चला रहा है, तब राज्य चुनाव आयोग द्वारा समानांतर प्रक्रिया शुरू करना भ्रम की स्थिति पैदा करता है और इसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य चुनाव आयोग अलग-अलग समय-सीमा और कट-ऑफ तारीखों के आधार पर मतदाता सूची तैयार कर रहा है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जा रहा विशेष पुनरीक्षण मतदाता सूची से अवैध प्रवासियों, मृत मतदाताओं और अपात्र नामों को हटाने के लिए किया जा रहा है, जबकि राज्य सरकार समानांतर प्रक्रिया के जरिए नई मतदाता सूची तैयार करने का प्रयास कर रही है।
करंदलाजे ने मांग की कि पूरे कर्नाटक में मतदाता सूची का निष्पक्ष और एक समान विशेष गहन पुनरीक्षण कराया जाए ताकि सभी योग्य मतदाताओं के नाम सही तरीके से दर्ज हों और चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बना रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं के दबाव में यह प्रक्रिया चलाई जा रही है, हालांकि इस आरोप के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
फिलहाल, इन आरोपों पर कर्नाटक सरकार या कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और आगे चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।

