बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के होनहार पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी अभिजीत सखूजा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। जापान में आयोजित पैरा एशियन गेम्स में अभिजीत ने कांस्य पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। महज 21 साल की उम्र में यह मुकाम हासिल करने वाले अभिजीत को प्रदेश का सबसे युवा पैरा एशियन गेम्स पदक विजेता बताया जा रहा है। उनकी इस सफलता से खेल जगत में खुशी का माहौल है और छत्तीसगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है।
क्वालीफाइंग राउंड से ही दिखाया दम
जापान में 18 से 24 अक्टूबर तक आयोजित पैरा एशियन गेम्स में अभिजीत सखूजा ने शुरुआत से ही शानदार खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वालीफाइंग राउंड के तीनों मुकाबलों में जीत दर्ज कर अगले दौर में अपनी जगह बनाई। उनके प्रदर्शन में तेजी, सटीक शॉट और मुकाबले पर पकड़ साफ नजर आई।
इसके बाद प्री-क्वार्टर फाइनल में अभिजीत का सामना चीन के खिलाड़ी चेन फेंग्फेई से हुआ। इस मुकाबले में उन्होंने दमदार खेल दिखाते हुए 21-12 और 21-8 से जीत दर्ज की और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
क्वार्टर फाइनल में भारतीय खिलाड़ी को हराया
क्वार्टर फाइनल में अभिजीत सखूजा के सामने भारत के सूर्यकांत यादव की चुनौती थी। अभिजीत ने इस मुकाबले में भी अपनी लय बरकरार रखी और सीधे सेटों में 21-16 तथा 21-12 से जीत हासिल कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की। लगातार जीत के साथ उन्होंने पदक की उम्मीदों को मजबूत किया।
सेमीफाइनल में उनका मुकाबला विश्व के नंबर-2 खिलाड़ी शिवकुमार नवीन से हुआ। टूर्नामेंट में यहां तक पहुंचना अभिजीत के शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने प्रतियोगिता में कांस्य पदक अपने नाम किया।
21 साल की उम्र में हासिल की बड़ी उपलब्धि
अभिजीत सखूजा की यह सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने महज 21 वर्ष की उम्र में पैरा एशियन गेम्स में पदक जीतकर प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा पेश की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक हासिल करना उनकी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
उनकी उपलब्धि से यह संदेश भी मिलता है कि उचित अवसर, लगातार अभ्यास और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का बढ़ता दबदबा
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। हॉकी खिलाड़ी रेणुका यादव प्रदेश की पहली महिला ओलंपियन बनीं। वहीं, राजनांदगांव की ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी ने भी एशियन गेम्स में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
अब अभिजीत सखूजा ने पैरा बैडमिंटन में कांस्य पदक जीतकर इस उपलब्धि सूची में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है। उनकी सफलता प्रदेश में पैरा खेलों को प्रोत्साहन देने और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकती है।
जापान में अभिजीत की इस उपलब्धि से बिलासपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में गर्व की भावना है। उनकी जीत ने साबित किया है कि प्रदेश की प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भी अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं।

