कुरूद। छत्तीसगढ़ की कुरूद विधानसभा सीट पर आगामी चुनाव को लेकर अभी से राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच कुरूद नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष और युवा कांग्रेस नेता देवव्रत साहू की नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी एवं सांसद सुखदेव भगत से हुई मुलाकात ने स्थानीय सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक हुई इस मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठनात्मक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी के आह्वान पर दिल्ली में आयोजित मार्च में शामिल होने पहुंचे देवव्रत साहू ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत के आवास पर उनसे मुलाकात की। इस दौरान कुरूद विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक परिस्थितियों, स्थानीय समस्याओं और संगठन में युवाओं की भूमिका को लेकर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद क्षेत्र में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि देवव्रत साहू आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से अपनी दावेदारी मजबूत करने की दिशा में सक्रिय हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
पिता की राजनीतिक विरासत और जनसेवा का हवाला
देवव्रत साहू ने मुलाकात के दौरान अपने पिता एवं कुरूद के पूर्व विधायक स्वर्गीय डॉ. चन्द्रहास साहू के कार्यकाल और उनके जनसेवा से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया। बताया जाता है कि उन्होंने चिकित्सा, उच्च शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में अपने पिता के योगदान को प्रदेश प्रभारी के सामने रखा।
कुरूद विधानसभा क्षेत्र में साहू समाज की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए इस मुलाकात को सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के बीच चर्चा है कि देवव्रत साहू अपने पारिवारिक राजनीतिक अनुभव, स्थानीय जनसंपर्क और सामाजिक आधार के सहारे विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करने की तैयारी कर रहे हैं।
तीन बार पार्षद बने, नगर पालिका में भी मजबूत पकड़
देवव्रत साहू लगातार तीन बार पार्षद का चुनाव जीत चुके हैं और वर्तमान में कुरूद नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष हैं। युवा कांग्रेस में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण उन्हें क्षेत्र के युवा कार्यकर्ताओं के बीच भी पहचान मिली है। स्थानीय राजनीति में उनकी सक्रियता और नगर स्तर पर संगठनात्मक पकड़ को उनकी राजनीतिक ताकत के रूप में देखा जाता है।
दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने कुरूद की जमीनी परिस्थितियों और स्थानीय मुद्दों से प्रदेश प्रभारी को अवगत कराया। इसके साथ ही संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और आगामी चुनाव में कांग्रेस को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर भी बातचीत होने की जानकारी सामने आई है।
सुखदेव भगत के संवादशील व्यक्तित्व की तारीफ
मुलाकात के बाद देवव्रत साहू ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत के सहज और संवादशील व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जमीनी कार्यकर्ताओं और युवाओं से सीधे संवाद करता है, तो संगठन को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने आगामी चुनाव में कांग्रेस की मजबूती और वापसी को लेकर भी विश्वास जताया।
क्या कुरूद सीट पर टिकट की दावेदारी होगी मजबूत?
कुरूद विधानसभा सीट पर आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच देवव्रत साहू की दिल्ली में हुई मुलाकात को संभावित चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पिता की राजनीतिक विरासत, लगातार तीन बार पार्षद बनने का अनुभव, नगर पालिका में जिम्मेदारी और युवा कांग्रेस में सक्रियता उनके पक्ष में गिने जाने वाले पहलू हैं।
हालांकि, प्रदेश प्रभारी से मुलाकात के आधार पर उनकी उम्मीदवारी तय मानना जल्दबाजी होगी। कांग्रेस में टिकट का फैसला पार्टी नेतृत्व और संगठन की चुनावी रणनीति के आधार पर होगा। फिलहाल, देवव्रत साहू की इस मुलाकात ने कुरूद के राजनीतिक गलियारों में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले समय में उनकी सक्रियता कांग्रेस की स्थानीय राजनीति में क्या नया मोड़ लाती है।

