नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ता (Trade Deal) के दौरान अमेरिका से एथेनॉल इंपोर्ट (आयात) की खबरों को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में ईंधन सम्मिश्रण (Fuel Blending) के लिए अमेरिका से एथेनॉल खरीदने पर कोई प्रतिबद्धता या रियायत नहीं दी गई है।
घरेलू स्तर पर ही होगी एथेनॉल की खरीद
मंत्रालय ने साफ किया कि देश के E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) कार्यक्रम के तहत इस्तेमाल होने वाला पूरा एथेनॉल भारतीय किसानों, गन्ना मिलों और घरेलू उत्पादकों से ही खरीदा जाएगा। किसी भी विदेशी बाजार से ईंधन श्रेणी के एथेनॉल के आयात की कोई योजना नहीं है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य:
विदेशी मुद्रा की बचत: एथेनॉल का घरेलू उत्पादन बढ़ाकर देश की विदेशी मुद्रा को सुरक्षित रखना।
- कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना: आयातित कच्चे तेल (Crude Oil) पर निर्भरता घटाकर ऊर्जा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना।
- किसानों की आय में बढ़ोतरी: देश के गन्ना और अनाज उत्पादक किसानों की आय बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना।
सरकार ने दोहराया है कि भारत का एथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम पूरी तरह से देश की अपनी नीतियों और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों के अनुरूप संचालित होता रहेगा।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

