नई दिल्ली: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए एंटी-पेपर लीक विधेयक को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल सख्त कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, क्योंकि “देश का सबसे बड़ा पेपर लीक रैकेट बीजेपी के भीतर संचालित हो रहा है।” यह टिप्पणी उन्होंने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान की।
राउत ने कहा कि देशभर में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और इस मुद्दे पर जंतर-मंतर पर बड़े स्तर पर छात्र प्रदर्शन भी हुए। उन्होंने दावा किया कि सरकार अब नया विधेयक लाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है, जबकि जरूरत इस बात की है कि पेपर लीक के पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में इस विधेयक पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सरकार को पहले छात्रों की चिंताओं का जवाब देना चाहिए और पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही तय करनी चाहिए। राउत ने आरोप लगाया कि सिर्फ कानून की सजा बढ़ाने से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं आएगी, जब तक भ्रष्ट तंत्र पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती।
केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित एंटी-पेपर लीक विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना और दोषियों के लिए कड़े दंड का प्रावधान करना है। इस विधेयक पर संसद में चर्चा होने की संभावना है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने तर्क रखेंगे।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

