नई दिल्ली:
राष्ट्रीय सम्मान और देश की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया।
इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को वही कानूनी संरक्षण और दर्जा प्रदान करना है, जो वर्तमान में राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) और राष्ट्रगान (‘जन गण मन’) को प्राप्त है।
राष्ट्रीय गीत में व्यवधान डालने पर होगी कानूनी कार्रवाई
इस संशोधन विधेयक में राष्ट्रीय गीत के आदर-सम्मान को लेकर कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। बिल के कानून के रूप में लागू होने के बाद:
- यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालता है,
- किसी को इसे गाने से रोकता है,
- या इससे जुड़े किसी कार्यक्रम में व्यवधान पैदा करता है,
तो उसे कानूनन अपराध माना जाएगा और ऐसे व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा का संकल्प
विधेयक पेश करते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक और देश की सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न हिस्सा रहा है। सरकार का कहना है कि यह कदम देश के राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान बढ़ाने और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

