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दिशा सालियान केस की जांच अब CBI की SP सीमा पाहुजा के हाथों में, जानिए कौन हैं अधिकारी

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मुंबई, 16 सितंबर 2026। दिशा सालियान की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच की निगरानी की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक सीमा पाहुजा को सौंपी है। सीमा पाहुजा CBI मुख्यालय, नई दिल्ली की स्पेशल क्राइम यूनिट में SP के पद पर तैनात हैं और इससे पहले कई चर्चित एवं संवेदनशील मामलों की जांच से जुड़ी रही हैं। CBI की नई जांच में 8 जून 2020 की रात हुई घटनाओं, मौके पर मौजूद लोगों, पुराने पुलिस रिकॉर्ड, गवाहों के बयानों और फोरेंसिक साक्ष्यों की दोबारा पड़ताल की जाएगी।

सीमा पाहुजा को जटिल आपराधिक मामलों और फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच का अनुभव है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें 2021 में CBI की ओर से ‘बेस्ट इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर’ का गोल्ड मेडल मिला था। यह सम्मान उनकी जांच क्षमता से जुड़े कार्य के लिए दिया गया था। 2021 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी जांच में उत्कृष्टता के लिए पुलिस अधिकारियों को पदक प्रदान किए थे, जबकि सीमा पाहुजा को CBI के स्तर पर सर्वश्रेष्ठ जांच अधिकारी के लिए गोल्ड मेडल दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

सीमा पाहुजा इससे पहले कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। वह उत्तर प्रदेश के हाथरस मामले की जांच के लिए गठित CBI टीम में शामिल थीं। इसके अलावा उन्नाव मामले और हिमाचल प्रदेश के चर्चित गुड़िया मामले की जांच से भी उनका नाम जुड़ा रहा है। 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़े रेप और हत्या मामले की जांच करने वाली CBI टीम में भी वह शामिल थीं।

दिशा सालियान मामले में CBI ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद FIR दर्ज की है। FIR में आपराधिक साजिश, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, सबूत मिटाने और अपराधियों को बचाने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में कथित हेरफेर से संबंधित धाराएं शामिल होने की रिपोर्ट है। हालांकि, जांच के इस चरण में किसी व्यक्ति को नामजद आरोपी बनाए जाने की बात सामने नहीं आई है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।

CBI की जांच में उस रात मुंबई में दिशा सालियान के मंगेतर रोहन राय के घर हुई कथित गैदरिंग में मौजूद लोगों के बयान भी अहम माने जा रहे हैं। जांच एजेंसी पुराने पुलिस रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट तथा उपलब्ध डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों का मिलान कर सकती है। जांच का उद्देश्य 8 जून 2020 की रात के घटनाक्रम को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोबारा समझना और दिशा की मौत की परिस्थितियों से जुड़े सवालों की जांच करना है।

दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई में एक इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी। वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। उनकी मौत के कुछ दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत भी मृत पाए गए थे, जिसके बाद दोनों घटनाओं को लेकर सार्वजनिक स्तर पर कई तरह के दावे और सवाल उठते रहे। हालांकि, दोनों मामलों के बीच किसी आपराधिक संबंध का निष्कर्ष जांच के अंतिम परिणामों के आधार पर ही तय किया जा सकता है।

अब सीमा पाहुजा की निगरानी में CBI टीम दिशा सालियान मामले की पिछली जांच से जुड़े दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा करेगी। छह साल पुराने मामले में गवाहों के बयान, घटनास्थल से जुड़े तथ्य और फोरेंसिक साक्ष्यों का मिलान जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। CBI की जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि 8 जून 2020 की रात वास्तव में क्या हुआ था और दिशा सालियान की मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच में कौन से तथ्य सामने आते हैं।

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