अभनपुर। छत्तीसगढ़ के अभनपुर जनपद पंचायत में अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कवायद शुरू हो गई है। जनपद पंचायत की अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे के खिलाफ 9 सदस्यों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपते हुए अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। आवेदन अभनपुर एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत किया गया है।
25 सदस्यीय जनपद पंचायत में अध्यक्ष चंद्रिका जितेंद्र बंजारे भाजपा समर्थित बताई जा रही हैं, जबकि अविश्वास प्रस्ताव की मांग को लेकर आवेदन देने वाले सदस्य कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे हैं। ऐसे में इस घटनाक्रम के बाद अभनपुर की स्थानीय पंचायत राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सदस्यों ने उठाए सवाल
अविश्वास प्रस्ताव की मांग को लेकर दिए गए आवेदन में सदस्यों ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली को लेकर कई आरोप लगाए हैं। आवेदनकर्ताओं का कहना है कि जनपद पंचायत के निर्वाचित सदस्यों को महत्वपूर्ण निर्णयों में अपेक्षित रूप से विश्वास में नहीं लिया जा रहा है और पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर सदस्यों में असंतोष है।
सदस्यों ने इन्हीं बिंदुओं का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत विशेष सम्मेलन बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने की मांग की है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोप संबंधित सदस्यों के हैं और इनकी पुष्टि प्रशासनिक जांच या आगे की प्रक्रिया में होगी।
9 सदस्यों के हस्ताक्षर से बढ़ी राजनीतिक हलचल
अविश्वास प्रस्ताव की मांग वाले आवेदन के साथ 9 जनपद सदस्यों के हस्ताक्षर होने की बात कही गई है। 25 सदस्यीय जनपद पंचायत में 9 सदस्यों के एकजुट होकर अध्यक्ष के खिलाफ आवेदन देने से स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, सिर्फ आवेदन सौंपे जाने से अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो जाती। इसके लिए संबंधित प्रशासनिक अधिकारी द्वारा आवेदन का परीक्षण और नियमानुसार आगे की कार्रवाई जरूरी होगी।
SDM कार्यालय में आवेदन, कलेक्टर हैं सक्षम अधिकारी
मामले में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहलू भी सामने आया है। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ा आवेदन अभनपुर एसडीएम कार्यालय में दिया गया, लेकिन एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि जनपद पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के लिए कलेक्टर सक्षम अधिकारी हैं।
ऐसे में अब आवेदन कलेक्टर स्तर पर पहुंचने के बाद उसके परीक्षण और आगे की वैधानिक प्रक्रिया पर नजर रहेगी। नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विशेष सम्मेलन बुलाने और अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की स्थिति स्पष्ट होगी।
अब कलेक्टर के फैसले पर टिकी नजर
जनपद अध्यक्ष के खिलाफ सामने आए इस आवेदन ने अभनपुर की पंचायत राजनीति को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। एक ओर भाजपा समर्थित अध्यक्ष हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव की मांग की है।
फिलहाल मामला आवेदन और प्रशासनिक परीक्षण के स्तर पर है। अब कलेक्टर कार्यालय से होने वाली कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए विशेष सम्मेलन बुलाया जाता है या नहीं। यदि प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो अध्यक्ष पद को लेकर जनपद पंचायत में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

