अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। इस मुद्दे पर लगातार बयानबाजी के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद Brij Bhushan Sharan Singh ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने संकेत दिया कि इस पूरे मामले में कई प्रभावशाली और बड़े लोग शामिल हैं तथा यदि वह अभी पूरी सच्चाई सार्वजनिक कर देंगे तो स्वयं गंभीर परेशानियों में घिर सकते हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और उसके प्रबंधन को लेकर जो चर्चाएं चल रही हैं, वह उनसे पूरी तरह अनभिज्ञ नहीं हैं। उनके पास कई ऐसी जानकारियां हैं जो अभी सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं। उन्होंने कहा कि समय आने पर वह पूरे मामले का खुलासा करेंगे, लेकिन फिलहाल वह इस विषय पर अधिक टिप्पणी करने से बचना चाहते हैं।
पूर्व सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर तेज हो गया है। विपक्षी दल जहां इस बयान को गंभीर बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं भाजपा के कई नेताओं ने इस पर खुलकर प्रतिक्रिया देने से परहेज किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बृजभूषण शरण सिंह का बयान आने वाले दिनों में इस विवाद को और अधिक चर्चा के केंद्र में ला सकता है।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े किसी भी विषय को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए, लेकिन यदि कहीं अनियमितता या पारदर्शिता की कमी है तो उस पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के विश्वास से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता जरूरी है और संबंधित पक्षों को समय-समय पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे को लेकर उठे सवालों ने स्वाभाविक रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि अभी तक इस विवाद को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है, लेकिन बृजभूषण शरण सिंह के बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। उनके इस दावे के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि वह भविष्य में कौन-से तथ्य सार्वजनिक करते हैं और उनका राजनीतिक तथा सामाजिक प्रभाव क्या पड़ता है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि पूर्व सांसद अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस जानकारी या दस्तावेज सामने रखते हैं, तो यह मामला और अधिक गंभीर हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, कई लोग इसे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा भी मान रहे हैं। फिलहाल पूरे विवाद पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।