नई दिल्ली। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए सितंबर 2026 मजबूत रहने के संकेत मिल रहे हैं। जेफरीज की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, महीने के शुरुआती 25 दिनों में पैसेंजर व्हीकल, टू-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में रजिस्ट्रेशन में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, ट्रैक्टर सेगमेंट की रफ्तार इन श्रेणियों के मुकाबले काफी धीमी रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर के पहले 25 दिनों में पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 78 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसी अवधि में टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन 75 प्रतिशत बढ़े, जबकि मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल ट्रकों के रजिस्ट्रेशन में 53 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। इसके मुकाबले ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन में सिर्फ 4 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई।
लो बेस का भी दिख रहा असर
जेफरीज ने रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया है कि इन आंकड़ों में पिछले साल के कमजोर आधार यानी लो बेस इफेक्ट का महत्वपूर्ण योगदान है। सितंबर 2025 में अशुभ अवधि के जल्दी शुरू होने और GST कटौती से पहले ग्राहकों द्वारा खरीदारी टालने जैसे कारणों से वाहन बिक्री पर असर पड़ा था। ऐसे में इस साल समान अवधि से तुलना करने पर ग्रोथ का प्रतिशत काफी ऊंचा दिखाई दे रहा है।
इसलिए मौजूदा आंकड़ों को सीधे उतनी ही बड़ी वास्तविक मांग वृद्धि के तौर पर देखना उचित नहीं होगा। हालांकि, दूसरी रिसर्च रिपोर्ट्स भी सितंबर में ऑटो रिटेल बाजार में सकारात्मक गति की ओर इशारा कर रही हैं।
बड़ी ऑटो कंपनियों के वॉल्यूम में भी बढ़ोतरी का अनुमान
जेफरीज ने सितंबर के होलसेल वॉल्यूम को लेकर कई प्रमुख कंपनियों के लिए मजबूत वृद्धि का अनुमान लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक अशोक लेलैंड और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के वॉल्यूम में सालाना आधार पर करीब 25-27 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।
वहीं बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी और टीवीएस मोटर के वॉल्यूम में करीब 15-17 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। रॉयल एनफील्ड, हुंडई मोटर इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा के वॉल्यूम में भी करीब 9-10 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद जताई गई है। दूसरी ओर, हीरो मोटोकॉर्प की बिक्री लगभग पिछले साल के स्तर के आसपास रहने का अनुमान है।
कार और SUV की मांग में तेजी
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट सितंबर के शुरुआती आंकड़ों में सबसे तेज गति दिखाने वाले वर्गों में शामिल है। 25 दिनों में रजिस्ट्रेशन में 78 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज होना इस सेगमेंट में मजबूत गतिविधि को दर्शाता है। हालांकि, इसमें पिछले साल के कमजोर बेस का असर भी शामिल है।
त्योहारी सीजन से पहले ऑटो कंपनियां भी बेहतर मांग की उम्मीद कर रही हैं। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार सितंबर में पैसेंजर व्हीकल रिटेल बिक्री में भी मजबूत वृद्धि की संभावना जताई गई है।
टू-व्हीलर बाजार में भी मजबूत रफ्तार
टू-व्हीलर सेगमेंट में सितंबर के शुरुआती 25 दिनों में रजिस्ट्रेशन 75 प्रतिशत बढ़े हैं। जेफरीज के अनुमान के मुताबिक टीवीएस मोटर और बजाज ऑटो के होलसेल वॉल्यूम में दोहरे अंकों की वृद्धि हो सकती है, जबकि रॉयल एनफील्ड के वॉल्यूम में भी करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है।
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट भी मजबूत
मीडियम और हेवी कमर्शियल ट्रकों के रजिस्ट्रेशन में 53 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होना भी ऑटो बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। कमर्शियल व्हीकल की मांग को माल ढुलाई, कारोबारी गतिविधियों और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ा जाता है।
अशोक लेलैंड के कुल वॉल्यूम में सितंबर के दौरान करीब 27 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जबकि उसके मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल वॉल्यूम में करीब 36 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।
ट्रैक्टर सेगमेंट की रफ्तार धीमी
जहां कार, बाइक और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में तेजी दिखाई दे रही है, वहीं ट्रैक्टर बाजार अपेक्षाकृत धीमा नजर आ रहा है। सितंबर के पहले 25 दिनों में ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन सिर्फ 4 प्रतिशत बढ़े।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के लिए भी जेफरीज ने ऑटोमोबाइल वॉल्यूम में वृद्धि का अनुमान लगाया है, लेकिन उसके ट्रैक्टर वॉल्यूम में सालाना आधार पर गिरावट की संभावना जताई गई है। इससे पता चलता है कि ऑटो सेक्टर की मौजूदा तेजी सभी सेगमेंट में समान रूप से नहीं दिखाई दे रही है।
आगे त्योहारी सीजन पर नजर
कुल मिलाकर सितंबर में भारतीय ऑटो बाजार में सकारात्मक गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। पैसेंजर व्हीकल, टू-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में मजबूत रजिस्ट्रेशन और होलसेल ग्रोथ के अनुमान हैं, जबकि ट्रैक्टर सेगमेंट अपेक्षाकृत कमजोर है।
हालांकि, सितंबर के आंकड़ों को समझते समय पिछले साल के लो बेस इफेक्ट को ध्यान में रखना जरूरी होगा। अब वास्तविक मासिक बिक्री और रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों से यह स्पष्ट होगा कि शुरुआती तेजी कितनी हद तक पूरे महीने के प्रदर्शन में बदलती है।

