Saturday, July 25, 2026
No menu items!

NEET-UG 2026 विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, X पर साझा किया भावुक संदेश

Must Read

नई दिल्ली: NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर देशभर में जारी विवाद और छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों, राज्यों की सरकारों, छात्रों, अभिभावकों और देशवासियों का आभार व्यक्त किया।

अपने संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले चार दशकों से वे छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उन्होंने लिखा कि एक मजबूत, पारदर्शी और समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही विकसित भारत की सबसे बड़ी नींव है और देश के युवाओं के हित उनके सार्वजनिक जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहे हैं।

NEET-UG 2026 विवाद पर क्या बोले?

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान में स्वीकार किया कि NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले को पूरी गंभीरता से लिया, जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी, परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। साथ ही उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अगले वर्ष से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य की रक्षा करना और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करना था। केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, परीक्षा एजेंसियों तथा अभिभावकों के सहयोग से पुनः परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई।

“जिम्मेदारी से कभी पीछे नहीं हटा”

अपने इस्तीफे के संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी इससे पीछे नहीं हटे। उनका कहना था कि किसी भी प्रतिभाशाली छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया या किसी प्रकार की अनियमितता की वजह से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

इस्तीफे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे छात्र आंदोलन की पहली बड़ी जीत बताया। उन्होंने परीक्षा विवाद से जुड़े मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों और दिल्ली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग उठाई।

पिछले कई दिनों से प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्षी दल भी लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी और केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने के लिए आगे क्या कदम उठाएगी।

Latest News

युवाओं के आंदोलन का असर: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आधी जीत, अब शिक्षा सुधार की बारी– वीरेंद्र सिंह तोमर

रायपुर: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्षत्रिय करणी सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष भाई वीरेंद्र सिंह...

More Articles Like This