रायपुर। छत्तीसगढ़ में क्षत्रिय करणी सेना ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए विभिन्न जिलों और क्षेत्रों में पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। संगठन की उपलब्ध कराई गई सूची में कुल 16 पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें रूबी भदौरिया को बस्तर संभाग अध्यक्ष बनाया गया है।
इन नियुक्तियों के जरिए जिला, ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर संगठन के कामकाज को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। संगठन से जुड़े विवरण के अनुसार, अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी मिलने से स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और गतिविधियों को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने दिया एकता का संदेश
क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने नए पदाधिकारियों और करणी सैनिकों को बधाई दी। उन्होंने संगठन को आगे बढ़ाने के लिए मेहनत, अनुशासन, एकता और आपसी तालमेल के साथ काम करने पर जोर दिया।
संगठन से मिली जानकारी में छत्तीसगढ़ में करीब 300 लोगों के जुड़ने का उल्लेख भी किया गया है। संगठन का लक्ष्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना बताया गया है।
इन क्षेत्रों में दी गई जिम्मेदारियां
नियुक्ति सूची के मुताबिक, रूबी भदौरिया को बस्तर संभाग अध्यक्ष, बसंत सिंह को महासमुंद जिला अध्यक्ष, शुभम सिंह को भाटापारा ब्लॉक अध्यक्ष और रिकेश सिंह को सूरजपुर जिला अध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा महीप कुमार सिंह को कोरिया, पुष्पराज सिंह को भिलाई, सौरभ सिंह क्षत्रिय को बेमेतरा, पंकज कुमार सिंह को सरगुजा, कायम सिंह को रायपुर और श्याम कुमार सिंह को जशपुर जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
सूरज सिंह ठाकुर को तिल्दा ब्लॉक अध्यक्ष, युवराज सिंह चौहान को बिल्हा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष और मनीष कुमार सिंह को धरसींवा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, जय कुमार नारा को प्रदेश व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष, सुभाष चंद्र मिश्रा को प्रदेश व्यापार प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष तथा मुकेश कुमार सिंह को रायपुर जिला महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्थानीय स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की तैयारी
संगठन के अनुसार, नवनियुक्त पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क और समन्वय मजबूत करने का काम करेंगे। इन नियुक्तियों से संगठन की योजनाओं को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने और गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर ध्यान रहेगा।
छत्तीसगढ़ में करणी सेना का संगठनात्मक विस्तार किस तरह आगे बढ़ता है, यह आने वाले समय में पदाधिकारियों की गतिविधियों से स्पष्ट होगा। नियुक्तियों और सदस्य संख्या से जुड़ी जानकारी संगठन की ओर से उपलब्ध विवरण पर आधारित है।

