Monday, October 19, 2026
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महंगाई और राशन के बढ़े दामों पर दीपक बैज का हमला, बोले- महतारी वंदन का पैसा जनता से वसूल रही सरकार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में महंगाई, राशन के दाम, बिजली बिल और धान खरीदी से पहले पटवारियों की हड़ताल को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती कीमतों से आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर महतारी वंदन योजना के तहत आर्थिक सहायता दे रही है, वहीं दूसरी ओर बढ़ती महंगाई के जरिए जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है।

राशन, पेट्रोल-डीजल और बस किराए में बढ़ोतरी पर सवाल

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि चावल, दाल और अन्य राशन सामग्री के दाम बढ़ने के साथ पेट्रोल-डीजल और यात्री बस किराए में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि महंगाई का सीधा असर आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना के नाम पर दी जा रही राशि का फायदा बढ़ती कीमतों के कारण कम हो रहा है। उन्होंने सरकार से आम जनता को राहत देने की मांग की।

धान खरीदी से पहले पटवारियों की हड़ताल पर चिंता

धान खरीदी से पहले पटवारियों की हड़ताल को लेकर भी बैज ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि नवंबर से प्रदेश में धान खरीदी शुरू होनी है, ऐसे में पटवारियों की हड़ताल से किसानों के काम प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने सरकार से पटवारी संगठनों के साथ तत्काल बातचीत कर हड़ताल खत्म कराने की अपील की। बैज ने आरोप लगाया कि पिछली बार भी ऐसी स्थिति में कुछ किसान धान नहीं बेच पाए थे। उन्होंने आशंका जताई कि इस बार भी किसानों को परेशानी हो सकती है।

कौशल्या माता धाम में राम की मूर्ति को लेकर उठाए सवाल

कौशल्या माता धाम में भगवान राम की नई मूर्ति स्थापित नहीं होने को लेकर दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि जब मूर्ति तैयार है, तो उसे अब तक स्थापित क्यों नहीं किया गया।

बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा भगवान राम और गौ माता के नाम पर राजनीति करती है। उन्होंने मंदिरों के चढ़ावे और चंदे को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। ये सभी आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अपने राजनीतिक बयान में लगाए हैं।

आदिवासी विभाग का नाम बदलने का विरोध

आदिवासी विभाग का नाम बदलकर जनजाति विभाग किए जाने के मुद्दे पर भी बैज ने विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आदिवासी समाज के हितों की अनदेखी कर रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। बैज ने विभाग का नाम बदलने के निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की।

बढ़े बिजली बिल को कम करने की मांग

बिजली बिल में बढ़ोतरी को लेकर दीपक बैज ने कहा कि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ उपभोक्ताओं के बिल में 600 से 1,000 रुपये तक अतिरिक्त राशि जुड़कर आई है।

बैज ने सरकार से बढ़े हुए बिजली बिल पर राहत देने की मांग की। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि छत्तीसगढ़ में कोयला और अन्य ऊर्जा संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद महंगी दरों पर बिजली खरीदने की जरूरत क्यों पड़ रही है।

सरकार की नीतियों पर कांग्रेस का हमला

महंगाई, किसानों की समस्याओं, बिजली बिल, आदिवासी विभाग और कौशल्या माता धाम में मूर्ति स्थापना जैसे मुद्दों को लेकर दीपक बैज ने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने इन मामलों में सरकार से जवाब देने और आम जनता को राहत पहुंचाने की मांग की है। वहीं, इन मुद्दों पर सरकार का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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