रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वाहन को साइड देने को लेकर हुए विवाद में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में अदालत ने आरोपी वीरेंद्र कुमार बिसेन उर्फ बाहु को 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश शैलेश शर्मा की अदालत ने आरोपी को हत्या के प्रयास सहित अन्य आरोपों में दोषी ठहराते हुए कुल 2,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामूली विवाद से शुरू हुई थी मारपीट
यह मामला वर्ष 2019 में टिकरापारा थाना क्षेत्र के देवपुरी स्थित यूनियन बैंक के पास का है। अभियोजन के अनुसार, 24 और 25 मई की दरमियानी रात निर्मल रायकवार अपने दोस्त इंद्रजीत को छोड़ने के लिए विनोद देवांगन के साथ जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे टाटा योद्धा वाहन में सवार लोगों ने साइड नहीं देने को लेकर विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई।
पेट पर चाकू से किए गए कई वार
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, विवाद के दौरान वीरेंद्र बिसेन ने आकाश साल्वे उर्फ अक्कू को फोन कर मौके पर बुलाया। इसके बाद विनोद देवांगन पर चाकू से हमला किया गया। उसके पेट पर दो से तीन वार किए गए, जबकि निर्मल रायकवार को भी चोटें आईं। विनोद को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकीय साक्ष्यों में उसकी चोटों की गंभीरता की पुष्टि हुई।
अदालत ने सुनाई सात साल की सजा
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने घायलों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। साक्ष्यों के आधार पर वीरेंद्र बिसेन को भारतीय दंड संहिता की धारा 307/34 के तहत सात वर्ष का सश्रम कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं, धारा 323/34 के तहत 500 रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया।
अदालत ने कुछ अन्य आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं होने पर आरोपी को उनसे दोषमुक्त भी किया। न्यायालय ने सजा वारंट जारी कर आरोपी को केंद्रीय जेल रायपुर भेजने का आदेश दिया। इस मामले में अन्य आरोपियों के संबंध में भी अलग-अलग न्यायिक कार्रवाई हुई है।

