रायपुर। राष्ट्रीय क्षत्रिय करणी सेना ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें राष्ट्रभक्त और अनुशासित व्यक्तित्व बताया है। करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने नाना पाटेकर के सैन्य जीवन से जुड़े प्रसंगों को याद करते हुए कहा कि देश के लिए समर्पित सैनिक और राष्ट्रभक्त कभी मरा नहीं करते।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि नाना पाटेकर का भारतीय सेना के प्रति लगाव उनके जीवन के कई प्रसंगों में दिखाई देता है। फिल्म ‘प्रहार’ की तैयारी के दौरान उन्होंने मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ लगभग तीन साल तक प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद कारगिल युद्ध के समय उन्होंने सैनिकों के साथ मोर्चे पर जाने की इच्छा जाहिर की थी।
उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर ने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस से संपर्क कर कारगिल के अग्रिम क्षेत्र में जाने की अनुमति मांगी थी। अपनी सैन्य ट्रेनिंग और सेना के साथ अनुभव का हवाला देने के बाद उन्हें मोर्चे पर जाने का अवसर मिला। अगस्त 1999 में उन्होंने नियंत्रण रेखा के पास दो सप्ताह से अधिक समय बिताया और सैनिकों के साथ समय बिताने के अलावा बेस अस्पताल में भी सेवा की।
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने जीवन में अभिनय के साथ-साथ देश और सेना के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी महत्व दिया। उनके अनुसार, नाना का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि नाना पाटेकर जैसे राष्ट्रभक्त और अनुशासित व्यक्ति केवल अपने जीवनकाल तक सीमित नहीं रहते। उनके विचार और देश के प्रति समर्पण हमेशा लोगों के बीच जीवित रहते हैं। उन्होंने कहा कि नाना जैसे शख्स दिलों में कल भी जिंदा थे, आज भी हैं और आने वाले कल भी जिंदा रहेंगे।

