रायपुर। ग्रेच्युटी, लंबित वेतन और वेतन विसंगति के भुगतान की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश 108-102 कर्मचारी संघ ने रायपुर में मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को संघ से जुड़े कर्मचारियों ने अवंती विहार स्थित ग्लोबल टावर में जय अंबे इमरजेंसी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यालय का घेराव किया और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी लंबित मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संघ ने कंपनी पर कर्मचारियों के ग्रेच्युटी, वेतन विसंगति और अन्य बकाया भुगतान में देरी का आरोप लगाया है।
2019 से 2026 तक 108 सेवा का संचालन
कर्मचारी संघ के अनुसार, जय अंबे इमरजेंसी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ने सितंबर 2019 से मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ में 108 संजीवनी एक्सप्रेस सेवा का संचालन किया था। टेंडर की अवधि समाप्त होने के बाद कर्मचारियों के भुगतान का मुद्दा सामने आया।
संघ का दावा है कि सेवा समाप्त होने के करीब छह महीने बाद भी कई कर्मचारियों को उनकी ग्रेच्युटी और लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से भुगतान का इंतजार करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
लिखित आश्वासन के बाद भी भुगतान नहीं होने का आरोप
कर्मचारियों ने बताया कि इससे पहले 24 अगस्त को भी कंपनी के प्रधान कार्यालय में एक दिवसीय घेराव और धरना दिया गया था। उस दौरान कंपनी की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया था कि उपस्थित कर्मचारियों को 10 कार्य दिवस के भीतर और सभी कर्मचारियों को 30 कार्य दिवस के भीतर ग्रेच्युटी तथा वेतन विसंगति की राशि का भुगतान किया जाएगा।
कर्मचारी संघ का आरोप है कि निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद भी आश्वासन के मुताबिक भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद संघ ने 30 सितंबर को कंपनी और स्वास्थ्य विभाग को दोबारा चेतावनी पत्र सौंपा था।
7 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन
संघ के मुताबिक, 6 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक कंपनी और संबंधित विभाग की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसके बाद कर्मचारियों ने 7 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन घेराव और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
धरने पर बैठे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित ग्रेच्युटी, वेतन विसंगति की राशि, बकाया वेतन और कर्मचारियों से की गई कटौती की राशि का भुगतान शामिल है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित भुगतान के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल जय अंबे इमरजेंसी सर्विस के मुख्य कार्यालय के बाहर कर्मचारी धरने पर बैठे हैं। अब देखना होगा कि कंपनी और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कर्मचारियों की मांगों को लेकर क्या कदम उठाया जाता है।

