Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान को लेकर पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया है। एक पुराने मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने ऐसा मामला आया, जिसमें एक आरोपी ने कथित तौर पर अपनी असली पहचान छिपाकर ससुर को पिता बताकर आधार कार्ड समेत कई भारतीय दस्तावेज तैयार करा लिए थे। जांच में आरोपी के बांग्लादेशी मूल का होने और भारत में रहने से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं मिलने की बात सामने आई।
मामला सामने आने के बाद बिलासपुर पुलिस ने संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके दस्तावेजों की जांच का दायरा बढ़ा दिया। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर 1100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई और उनके दस्तावेजों की जांच की गई। इस दौरान 23 ऐसे लोग पुलिस की जांच के दायरे में आए, जो भारत में रहने से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
ससुर को पिता बताकर तैयार कराए भारतीय दस्तावेज
पुलिस के मुताबिक, पूरा मामला एक पुराने प्रकरण की जांच के दौरान सामने आया। हिरासत में लिए गए आरोपी के दस्तावेजों और पूछताछ की जांच में कथित तौर पर पता चला कि उसने अपने ससुर को पिता बताकर आधार कार्ड सहित कई भारतीय दस्तावेज बनवा लिए थे।
पुलिस की आगे की जांच में आरोपी के बांग्लादेश का मूल निवासी होने की जानकारी सामने आने की बात कही गई। साथ ही, भारत में उसके वैध निवास से संबंधित दस्तावेज भी नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने ऐसे अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच शुरू की, जिनकी नागरिकता या भारत में रहने की कानूनी स्थिति संदिग्ध थी।
1100 से ज्यादा लोगों की जांच
संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए बिलासपुर पुलिस ने सिरगिट्टी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया। इसके लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया। टीम ने इलाके में रहने वाले 1100 से अधिक लोगों की पहचान कर उनके दस्तावेजों की जांच की।
जांच के दौरान 23 लोग ऐसे मिले, जो भारत में रहने से संबंधित वैध दस्तावेज पुलिस के सामने पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने सभी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए रायपुर स्थित डिटेंशन सेंटर भेज दिया।
पहचान और नागरिकता की जांच जारी
डिटेंशन सेंटर में इन लोगों की पहचान और नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित लोगों की वास्तविक नागरिकता क्या है और भारत में उनका प्रवेश तथा निवास कानूनी रूप से वैध है या नहीं।
बिलासपुर पुलिस के अनुसार, संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि यदि किसी व्यक्ति ने अपनी पहचान छिपाकर भारतीय दस्तावेज हासिल किए हैं, तो इसमें अन्य लोगों या किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका रही है या नहीं।

