रायगढ़। जिले के वन क्षेत्रों से खैर और तेंदू प्रजाति की लकड़ियों की अवैध कटाई, भंडारण और दूसरे राज्यों में तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का वन विभाग और रायगढ़ पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, वाहन मालिक भरत कुमार मेश्राम फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
ग्रामीणों को पैसे का लालच देकर कराते थे पेड़ों की कटाई
जांच में सामने आया है कि सिंडिकेट से जुड़े लोग धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार वन परिक्षेत्रों में ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर खैर और तेंदू प्रजाति के पेड़ों की अवैध कटाई करवाते थे। इसके बाद लकड़ियों को रायगढ़ के गढ़उमरिया स्थित एक गोदाम में लाकर जमा किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी रोहित मित्तल ने गढ़उमरिया में गोदाम किराये पर लिया था। यहां लकड़ियों की छिलाई और अन्य प्रक्रिया के बाद उन्हें वाहनों के जरिए दूसरे राज्यों में भेजा जाता था।
फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट से लकड़ी को दिखाते थे वैध
अवैध लकड़ियों की तस्करी को वैध दिखाने के लिए कथित तौर पर फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट (TP) का इस्तेमाल किया जाता था। इन परमिट के जरिए लकड़ियों को छत्तीसगढ़ से बाहर भेजकर अधिक कीमत पर बेचने का काम किया जा रहा था।
जांच के दौरान वन विभाग को ऐसे दस्तावेज मिले, जिन पर संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। प्रथम दृष्टया इन्हें फर्जी दस्तावेज माना गया, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
मई 2025 में गोदाम पर हुई थी छापेमारी
वन विभाग की टीम ने 5 मई 2025 को जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित गोदाम पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान ट्रक में लदे 42 नग तेंदू के लट्ठे, करीब 1.731 घन मीटर लकड़ी, वजन मशीन, कुल्हाड़ी और हथौड़ा बरामद किया गया।
इसके अलावा गोदाम से तेंदू और खैर प्रजाति के 146 लट्ठे, करीब 6.741 घन मीटर लकड़ी, 9 चट्टा जलाऊ लकड़ी और कटर मशीन भी जब्त की गई थी। कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
पुलिस ने दर्ज किया गंभीर धाराओं में मामला
वन विभाग की जांच में मामला संगठित और बड़े स्तर पर संचालित अवैध कारोबार से जुड़ा पाए जाने के बाद 2 सितंबर 2026 को थाना जूटमिल में आवेदन दिया गया। इसके आधार पर अपराध क्रमांक 490/2026 दर्ज किया गया।
पुलिस ने मामले में BNS की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2), 3(5), 111 तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
एसएसपी ने गठित की विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। टीम ने आरोपियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच की।
जांच में रोहित मित्तल और मनीष अग्रवाल के बीच कारोबार में साझेदारी तथा सलाउद्दीन खान और भरत कुमार मेश्राम के जरिए लकड़ियों की परिवहन व्यवस्था से जुड़े होने की जानकारी सामने आई।
तीन गिरफ्तार, एक आरोपी फरार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को हिरासत में लिया। पूछताछ और विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
वहीं, भरत कुमार मेश्राम अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और मामले की विवेचना जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
रोहित मित्तल, पिता सुभाष मित्तल, निवासी अग्रसेन कॉलोनी, विकास नगर, कोतरा रोड, रायगढ़।
मनीष अग्रवाल, पिता राधेश्याम अग्रवाल, निवासी मुड़पार, बलौदाबाजार।
सलाउद्दीन खान, पिता इलाउद्दीन खान, निवासी सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़।

