नई दिल्ली / रांची:
नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला और तेज कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के बजाय मामले को दबाने में जुटी है।
“केवल सोशल मीडिया संदेशों से भरोसा नहीं लौटेगा”
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट करने या वीडियो संदेश जारी करने से पीड़ित छात्रों और अभिभावकों का विश्वास वापस नहीं जीता जा सकता।
“अगर सरकार सच में छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और अपनी मंशा साफ करना चाहती है, तो उसे तत्काल प्रभाव से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाना होगा।”
- — सुखदेव भगत, कांग्रेस सांसद
‘जवाबदेही तय करने के बजाय मामला दबा रही सरकार’
उधर, रांची में कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने के फैसले पर खुशी व्यक्त की, लेकिन साथ ही सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया।
राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि:
- सरकार देश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने से भाग रही है।
- दोषियों और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को बचाने के लिए मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस की मुख्य माँगें
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: पारदर्शी जांच और नैतिक जिम्मेदारी तय करने के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए।
- ठोस और पारदर्शी कदम: केवल बयानों और पोस्ट के बजाय छात्रों को न्याय दिलाने के लिए धरातल पर कड़े कदम उठाए जाएं।
- जवाबदेही तय हो: पेपर लीक के जिम्मेदार दोषियों और इसके पीछे के पूरे सिंडिकेट पर सख्त कार्रवाई की जाए।

