नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के मध्य क्षेत्र स्थित तकिया काले खां इलाके में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक झुग्गी बस्ती में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बस्ती की दर्जनों झुग्गियां इसकी चपेट में आ गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का घना गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। कुछ ही मिनटों में आग ने लगभग 30 झुग्गियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया, जिससे वहां रहने वाले परिवारों का सामान, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और घरेलू सामग्री जलकर राख हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना देर किए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग और धुएं के बीच फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान चलाया। इस दौरान 12 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की कई गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया। अधिकारियों के अनुसार, यदि समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं किया जाता तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था।
हालांकि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन आग से प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कई परिवारों का आशियाना पूरी तरह तबाह हो गया और वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि विस्तृत जांच के बाद ही आग के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इस घटना ने एक बार फिर घनी आबादी वाली झुग्गी बस्तियों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, स्थानीय लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन ने कई लोगों की जान बचा ली।

