मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस नई चर्चा के बीच, शिवसेना (UBT) के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। संजय राउत ने शिंदे पर निशाना साधते हुए उन्हें एक ‘बेईमान नेता’ करार दिया और कहा कि उनकी यह बयानबाजी सिर्फ तब तक है जब तक उनके पास सत्ता और पैसा है।
‘ताकत खत्म होते ही बदल जाएगी स्थिति’– संजय राउत
संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए एकनाथ शिंदे की राजनीतिक हैसियत पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
- सत्ता और पैसे का खेल: राउत के मुताबिक, “यह सारी बयानबाजी और हेकड़ी सिर्फ सत्ता और पैसे के दम पर चल रही है। जब तक हाथ में पावर है, तब तक ऐसी बातें की जा रही हैं।”
- बदल जाएगी स्थिति: उन्होंने दावा किया कि जैसे ही राजनीतिक ताकत और सत्ता हाथ से जाएगी, वैसे ही स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी और जनता इन्हें इनकी सही जगह दिखा देगी।
- वफादारी बनाम बेईमानी: राउत ने एक बार फिर बगावत का जिक्र करते हुए शिंदे गुट को घेरने की कोशिश की और उन्हें सिद्धांतों से समझौता करने वाला नेता बताया।
एकनाथ शिंदे ने क्या कहा था?
यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के उस हालिया बयान के बाद गरमाया है, जिसमें उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया था। शिंदे ने दावा किया था कि:
- उनकी शिवसेना (शिंदे गुट) असली और मजबूत शिवसेना है जो बालासाहेब के विचारों पर चल रही है।
- महायुति सरकार ने राज्य में रिकॉर्ड तोड़ विकास कार्य किए हैं और उनकी उपलब्धियां ही विपक्ष के हर आरोप का जवाब हैं।
‘ऑपरेशन टाइगर’ पर क्यों गरमाई है राजनीति?
महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में ‘ऑपरेशन टाइगर’ शब्द इन दिनों खूब तैर रहा है। विपक्षी खेमे का मानना है कि सत्ता पक्ष केंद्रीय एजेंसियों और राजनीतिक दबाव के दम पर ‘बाघों’ (नेताओं) को अपनी तरफ खींचने या दबाने की कोशिश कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे राज्य के विकास की दहाड़ बता रहा है।
विधानसभा चुनाव के बाद भी महाराष्ट्र की राजनीति में जारी यह शह और मात का खेल यह साफ करता है कि आने वाले दिनों में दोनों गुटों के बीच जुबानी जंग और ज्यादा आक्रामक होने वाली है।